काशीपुर। धोखाधड़ी से बड़े बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने की आरोपी महिला के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर इस मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
आवास विकास निवासी सुशील कुमार गौतम ने एसडीएम अभय प्रताप सिंह से शिकायत की थी कि उसके बड़े भाई अरुण कुमार का निधन दो दिसंबर 2019 को हो चुका है। अगले दिन तीन दिसंबर को पोस्टमार्टम के बाद उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया। भाई अरुण की मृत्यु के बाद सात फरवरी 2020 को उसके दो भाइयों सुशील गौतम और सुधांशु गौतम के नाम उत्तरजीवी प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इसके बाद उसके पिता की तलाकशुदा पत्नी ने संपत्ति हड़पने की नीयत से उपजिलाधिकारी न्यायालय में एक परिवाद दायर किया जो अभी विचाराधीन है।
आरोप है कि उक्त महिला ने नगर निगम को गलत सूचना देकर अरुण कुमार की मृत्यु दो फरवरी 2020 को होना दर्शा दी और उसका फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया। आरोप है कि महिला का उद्देश्य खुद को मृत बेटे का वारिस बनाना है। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट ने जांच में उक्त प्रमाणपत्र फर्जी होना पाया। एसडीएम सिंह ने दो सितंबर को कोतवाली पुलिस को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। सुशील ने एसएसपी समेत पुलिस अधिकारियों से मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।