रुद्रपुर। सिडकुल पंतनगर की एक फैक्टरी के प्लांट हेड को पॉलिसी बंद कराने का झांसा दे कर साइबर ठगों ने उनसे 36.26 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस दौरान साइबर ठगों ने उन्हें छह माह तक गुमराह किया। ठगी का एहसास होने पर प्लांट हेड ने कुमाऊं साइबर थाने में तहरीर सौंपी, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
ओमेक्स कॉलोनी निवासी राजेंद्र कुमार ने पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया कि वह सिडकुल की एक फैक्टरी में प्लांट हेड के पद पर तैनात हैं। सितंबर 2021 से ले कर जुलाई 2022 तक उन्होंने अलग-अलग बीमा कंपनियों से 6,34,028 रुपये की सात पॉलिसी ली। इसके बाद वह पॉलिसी न चला कर उसकी अगली किस्त नहीं जमा करना चाहते थे। इस दौरान उनके पास इंश्योरेंस रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट ऑथरिटी(आईआरडीए) के दिल्ली कार्यालय से फोन आया था। फोन करने वाले ने उनकी सारी पॉलिसी बंद करने और पॉलिसी में जमा रकम को वापस कराने का भरोसा दिलाया। इस पर उन्होंने पॉलिसी से संबंधित सभी कागजात उसे फोन के माध्यम से भेजे।
कॉल करने वाले ने बताया कि पॉलिसी में जमा रकम को वापस लेने के लिए उन्हें 37,613 रुपये देने होंगे। उन्होंने उसके बताए बैंक खाते में रुपये भेजे। इस पर उसने बताया कि उन्हें 15 लाख रुपये मिलेंगे, साथ ही रुपये वापस करने के लिए उसने 2,70,820 रुपये जीएसटी खर्च बताया। उन्होंने वह भी रुपये उसके बैंक खाते में भेज दिए। कुछ दिन बाद उनके पास फिर एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि सरकार 50 लाख रुपये से नीचे की रकम नहीं भेज रही है। उसने कहा कि यदि प्लांट हेड 15,85,650 और जमा कर देेंगे तो उन्हें 67,90,055 लाख रुपये मिल जाएंगे। इस पर यकीन कर प्लांट हेड ने फिर से उक्त राशि उसके खाते में भेज दिए। उन्हेें फोन के माध्यम से 67,90,055 रुपये का एक चेक मिला। इसके बाद उनके पास फिर से एक फोन आया और कॉल करने वाले ने उन्हें बताया कि 21,92,139 रुपये जमा करने पर प्लांट हेड को 2.15 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस पर उन्होंने फिर से 17,31,300 रुपये उसके खाते में भेज दिए। उन्हें डाक के माध्यम दो करोड़ का चेक भी मिला। जब उन्होंने बैंक में चेक लगाए तो वह बाउंस हो गए। इस पर उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ। कुमाऊं साइबर थाना एसएचओ ललित मोहन जोशी ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। जल्द ही साइबर ठगों को गिरफ्तार किया जाएगा।