रुद्रपुर। कुमाऊं में क्रिप्टोकरेंसी देने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। बाहरी प्रदेशों से आए ठग लोगों को 8,600 रुपये में 100 डॉलर की बिटकॉइन (क्रिप्टोकरेंसी) का लालच देकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार हल्द्वानी और यूएस नगर के कुछ नामचीन लोग भी उनके झांसे में आकर लाखों रुपये की नकदी उनके हवाले कर चुके हैं।
शहर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले दिनों शहर में दूसरे प्रदेश से दो युवकों ने लोगों से 8,600 रुपये लिए और बदले में उन्हें 100 डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी देने की बात की। उन्होंने एक वेबसाइट बनाई थी, रुपये लेने के बाद वह लोगों को वेबसाइट में जोड़कर उनका खाता बनाते और फिर उनकी क्रिप्टोकरेंसी दिखाते हैं। युवक आवेदकों को वेबसाइट की आईडी और पासवर्ड भी उपलब्ध कराकर नौ माह तक करेंसी का प्रयोग न करने के लिए कहा।
आरोपियों का कहना था कि नौ माह बाद करेंसी 86 रुपये से बढ़कर 250 रुपये हो जाएगी। इस दौरान करेंसी लेने वाले लोग उसे बेच कर अच्छा मुनाफा कमा लेंगे। हालांकि अभी तक किसी को मुनाफा मिलने की बात सामने आई है। खंगालने पर उस वेबसाइट का डोमेन नहीं मिला है और न ही वेबसाइट कहीं पर पंजीकृत है।
लखनऊ से महंगी कारों में आते दोनों युवक
रुद्रपुर। क्रिप्टोकरेंसी देेने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले युवक लखनऊ से महंगी कारों से आते हैं और शहर की एक चर्चित कॉलोनी में रुककर वहां लोगों से मीटिंग करते हैं। इस दौरान जो अधिक सवाल पूछता है उसे अपने काम में जोड़ने से मना कर देते हैं। आरोपी खुद को मोटिवेशनल स्पीकर के साथ ही दुबई रिटर्न भी बताते हैं। कई बार उन्होंने इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का व्यापार करने और माफियाओं से संपर्क होने की बात भी कही।
काली कमाई को सफेद करने में भी जुटे कुछ लोग
रुद्रपुर। शहर और हल्द्वानी के बहुत से नामचीन लोग अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए उनके इस फर्जीवाड़े में जुड़ गए हैं। इसके अलावा वह अपने साथियों को भी इससे जोड़ने का काम कर रहे हैं। कुछ लोग इस फर्जीवाड़े को समझ कर सतर्क हो गए हैं। युवक इतने शातिर है कि वह 8,600 रुपये नकद के रूप में लेते हैं। यदि कोई बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करने की बात करता है तो वह अपने आसपास के लोगों के खाते में उसे ट्रांसफर करवाते हैं।
सिडकुल पुलिस चौकी में इस तरह की शिकायत मौखिक तौर पर आई है। पीड़ित से तहरीर लाने की बात कही गई है। तहरीर आने और उसकी जांच करने के बाद मामले में कुछ कहा जाएगा। तहरीर मिलने के बाद बाद ही आगे की कार्रवाई भी होगी। - तपेश चंद, सीओ पंतनगर