काशीपुर। महिला अधिवक्ता ने सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। अधिवक्ता का कहना है कि एपीओ परीक्षा 2021 में अभ्यर्थियों को 230 नंबर पर पास किया गया। ऑनलाइन जारी परिणाम में उनके 228 नंबर ही दिखाए गए, वास्तव में उन्हें 239 नंबर मिले थे। गलत नंबर दिखाए जाने के चलते उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी।
नगर के मोहल्ला जसपुर खुर्द निवासी नेहा अग्रवाल की ओर से मुख्यमंत्री, सचिव लोक सेवा आयोग, सचिव कार्मिक अनुभाग, अध्यक्ष उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को भेजे पत्र में कहा गया कि उन्होंने साल 2021 में एपीओ की परीक्षा दी थी। वह प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों परीक्षाओं में शामिल हुईं। यह परीक्षा कुल 63 पदों के लिए हुई थी। जब परीक्षा परिणाम आया तो ऑनलाइन उनके 228 अंक दर्शाए गए। 230 नंबर लाने वाले अभ्यर्थियों का चयन नौकरी के लिए किया गया था। सिर्फ दो नंबरों से वह एपीओ नहीं बन सकीं।
शक होने पर उन्होंने अपने अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश के माध्यम से सूचना के अधिकार से अपनी कॉपी निकलवाईं, जिससे उन्हें पता चला कि हिंदी की पेपर में उन्हें 63, जीके 42, एविडेंस में 61 और लाॅ फर्स्ट में 50 नंबर मिले थे और इंटरव्यू में 23 अंक सहित कुल 239 अंक प्राप्त हुए थे। इस तरह उन्हें पता चला कि वह एपीओ की परीक्षा में पास हुई थी, लेकिन नंबरों के गलत दर्शाए जाने के चलते उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी। नेहा ने कहा कि इस तरह से उनका हक मारा गया है, जिससे उन्हें गंभीर मानसिक परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगी।