कलक्ट्रेट परिसर में धरनारत दंपत्ति।
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नेताओं की नौटंकी पर तुरंत संज्ञान लेने वाले अधिकारियों का दिल एक दंपति की बेबसी पर चार माह बाद भी नहीं पसीजा। पिछले चार माह से यह दंपति न्याय के लिए डीएम की चौखट पर बेमियादी धरने पर है, लेकिन अभी तक उनकी न तो किसी अधिकारी ने सुध ली है और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी ओर देखा है। लेकिन इसके बावजूद बेबस दंपति न्याय के लिए धरने पर डटा है।
सितारगंज के गोठा निवासी राजेंद्र पुत्र भिखारी प्रसाद और उसकी पत्नी 16 मई से यहां ग्राम प्रधान और पुलिस के खिलाफ कलक्ट्रेट परिसर में बेमियादी धरने पर बैठा है। इनका आरोप है कि उसकी फसल को विपक्षियों ने जबरन काट लिया यही नहीं 21 अगस्त 2015 को उसके घर में घुसकर परिवारजनों पर हमला कर उन्हें लहुलुहान कर दिया। मामले में पुलिस को तहरीर दी गई लेकिन पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया।
मामले को लेकर पीड़ित दंपति न्याय के लिए 16 मई से धरने पर बैठा है लेकिन अभी तक इनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कलक्ट्रेट में इस दंपति को कई अधिकारी रोज देखते हैं, यही नहीं आए दिन यहां पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि भी इन्हें देखकर नजर फेर लेते हैं। धरनारत दंपति धूप हो या बारिश दिन हो या रात यहीं पर चार माह से डटा हुआ है। इसके बावजूद इनकी बेबसी पर किसी अधिकारी का दिल नहीं पसीजा। पीड़ित दंपति का कहना है कि न्याय नहीं मिलने तक वह धरने पर डटे रहेंगे।