खेतलसंडा खाम में शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग की चपेट में आकर चार परिवारों की झोपड़ियां और टीन शेड में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। घरों में जब आग लगी उस समय घर के लोग मजदूरी करने गए हुए थे। एक झोपड़ी को तोड़कर आग को न रोका जाता तो दर्जनों घर आग की भेंट चढ़ जाते। आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग पर करीब दो घंटे में आग पर काबू पाया। घटना के बाद में घर पहुंची महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।
खेतलसंडा खाम गांव में रेलवे लाईन के किनारे बसे परिवारों के घर के पास लगे बिजली के पाल से हुई शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से विजय के भूसे वाली झोपड़ी में आ लग गई। कुछ ही देर में आग ने मुन्नी देवी के घर को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान छूती आग की लपटों के सामने किसी का बस नहीं चल रहा था और आग दीपा पत्नी रबीश के टीनशेड में भी फैल गई। ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए दीपा के घर से गैस सिलेंडर निकाल लिया लेकिन और कुछ नहीं निकाल सके।
आग आगे न फैले इसके लिए ग्रामीणों ने वीरू की झोपड़ी को तोड़ दी। ताकि आगे के घरों को बचाया जा सके। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में चारों परिवारों के घरों, टीवी, पंखे सहित घर का सारा सामान जल गया जिसमें दीपा के घर में खड़ी बाइक भी जलकर राख हो गई।