आवास विकास चौकी क्षेत्र के जगतपुरा में मछली खाने से एक ही परिवार के चार बच्चों की तबियत बिगड़ गई। बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक दिन पूर्व बच्चों के नाना रामनगर स्थित कोसी से मछलियों का शिकार कर लाए थे।
जगतपुरा वार्ड नंबर 20 में रहने वाला फिरासत एक वेल्डिंग कंपनी में काम करता है। घर में फिरासत के साथ उसकी पत्नी आसमा और बेटी खुशबु, रानी, बेटा रिहान, ईरम रहते हैं। शनिवार को आसमा के पिता आबिर ने रामनगर स्थित कोसी से कुछ मछलियों का शिकार कर पकाईं। उन्होंने यह आसमा और उसके पति फिरासत को भी खिलाई।
बची हुई मछलियों को फ्रिज में रख दिया। दोपहर को आसमा की बेटी 15 वर्षीय खुशबु, नौ वर्षीय रानी, 13 वर्षीय ईरम और आठ वर्षीय रेहान स्कूल से घर लौटे तो आसमा ने फ्रिज से मछली निकालकर चारों बच्चों को रोटी के साथ परोस दी। मछली खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी होने लगी।
इस पर आसमा बच्चों को लेकर पास ही के एक अस्पताल में लेकर पहुंची। यहां गंभीर हालत होने पर डाक्टर ने बच्चों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया। जहां बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। सूचना पर फिरासत और उसके पिता आबिर भी अस्पताल पहुंच गए। माना जा रहा है कि बासी मछलियों के सेवन से बच्चे बीमार पड़े। डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि फूड प्वाइजिंग की वजह से बच्चों की तबियत खराब हुई थी। उपचार के बाद उनकी हालत मेें सुधार है।