रुद्रपुर। डीएम के सख्त निर्देश के बाद बैगुल और कल्याणी नदी में औद्योगिक रसायन व सीवेज गिरने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त हो गया है। बैगुल नदी में दूषित पानी छोड़ने वाली चार ऑटो पार्ट्स निर्माण इकाइयों को चिह्नित कर ली हैं। इन पर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति कर दी है।
कल्याणी और बैगुल नदी में सिडकुल की निर्माण इकाइयां दूषित पानी छोड़ रही हैं। यही कारण है कि दो बार नदियों में मछलियों के मरने के मामले सामने आ चुके हैं। इस समस्या को डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने खुद नदियों का निरीक्षण कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद हरकत में आए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने चार ऑटो पार्ट्स इकाइयों को चिह्नित किया है जिनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आया है कि सभी चिन्हित छोटी औद्योगिक इकाइयों का दूषित पानी सीधे बैगुल नदी में गिर रहा है। सैंपलिंग की प्रक्रिया जारी है।
वर्जन
नदियों में दूषित पानी छोड़ने वाली चार कंपनियों को चिह्नित कर कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है। सैंपलिंग प्रक्रिया अभी जारी है। शासन के आदेश मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - आरपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड