प्रभारी तहसीलदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बेड के करीब जमीन पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वह तहसील में दो वर्ष से तैनात थे।
अल्मोड़ा के मूल निवासी प्रभारी तहसीलदार पूरन प्रकाश (56) पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के एक कमरे में रहते थे। बताया जाता है कि देर रात एसडीएम विनीत कुमार ने तहसील कर्मियों की बैठक ली थी। उसके बाद पूरन प्रकाश अपने बेड पर सो गए थे। मंगलवार की सुबह दस बजे जब वह तहसील कार्यालय नहीं पहुंचे तो तहसील कर्मियों ने उन्हें फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। उन्होंने सोचा शासकीय कार्य से कहीं बाहर गए होंगे। दोपहर उनके पुत्र का फोन तहसील कर्मियों पर आया। उसने कहा कि पापा फोन नहीं उठा रहे हैं। तहसील कर्मियों ने दो गार्डों को गेस्ट हाउस भेजा। उन्होंने देखा गेस्ट हाउस के कमरे की जाली का दरवाजा बंद था तथा दूसरा दरवाजा भिड़ा हुआ था। पुलिस को सूचना दी। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दरवाजा तोड़कर देखा तो शव बेड के करीब जमीन पर था। अधिकारियों ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एएसपी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। चिकित्सा अधीक्षक डा. संजय सिंह ने हार्टअटैक की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दम घुटने पर उन्होंने नीचे रखी पानी की बोतल उठाकर पानी पीने का प्रयास किया होगा, जिससे उनका शव बिस्तर के नीचे गिरा मिला। वर्ष 2018 में उनका रिटायरमेंट था। एएसपी पिंचा ने बताया कि वह अल्मोड़ा के निवासी थे। उनके परिजनों को सूचना भेज दी गई है।