काशीपुर। भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत बने बागी पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल को मनाने की उम्मीद पार्टी ने नहीं छोड़ी है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी और अन्य नेताओं के प्रयास विफल होने के बाद भाजपा ने जिम्मा राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल को सौंपा है। उनके हेलीकॉप्टर के स्टेडियम में उतरने की अनुमति भी प्रशासन से ले ली गई है। माना जा रहा है कि राजीव को मनाने का पार्टी का मजबूत और आखिरी प्रयास होगा। अगर राजीव नहीं माने तो भाजपा के लिए खासी दिक्कत खड़ी हो सकती है।
दरअसल भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल ने बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है। उनके इस कदम से पार्टी में खासी बेचैनी है। राष्ट्रीय सह महामंत्री शिवप्रकाश सहित कई नेताओं ने उनको मनाने के लिए फोन पर लंबी बातचीत की। राजीव के करीबी आरएसएस नेताओं के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद भगत सिंह कोश्यारी की कोशिशें भी रंग नहीं ला सकी थी।
सोमवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू की मुलाकात भी राजीव से नहीं हो सकी। बताया जाता है कि बातचीत के लिए एक प्रदेश स्तर के नेता को राजीव के पास भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस मसले पर बात करने से दो टूक इनकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल को राजीव को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे दिल्ली से हेलीकॉप्टर से काशीपुर पहुंचेंगे। राजीव अग्रवाल आरएसएस पृष्ठभूमि के नेता माने जाते हैं। इसलिए आरएसएस नेताओं को भी उन्हें मनाने के लिए लगाया गया है। अब पार्टी का यह दांव कितना सफल हो पाता है, यह बुधवार को साफ हो जाएगा।