शहर में यातायात के दबाव को कम करने के मकसद से प्रस्तावित फोरलेन रिंग रोड का खाका तैयार कर लिया गया है। रिंग रोड के भौतिक सर्वे के लिए टेंडर से फर्म का चयन भी कर लिया गया है। लालपुर से शुरू रिंग रोड पंतनगर विश्वविद्यालय के बीच से होकर जाफरपुर में एनएच-74 पर मिलेगी। सर्वे के लिए सवा करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। रिंग रोड नेशनल हाइवे और स्टेट हाइवे को भी जोड़ेगी।
दरअसल, शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। लोगों को जाम से होने वाली दिक्कतों और शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के मकसद से रिंग रोड निर्माण की कवायद की जा रही है। हालांकि शहर में फ्लाइओवर के निर्माण से भी दबाव में कमी आएगी। रिंग रोड के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सर्वे कर दो विकल्प तैयार किए हैं। दोनों विकल्प में रूट तो एक ही हैं, लेकिन उनके बीच पांच किलोमीटर का अंतर है। देहरादून की टीसीएस कंपनी को भौतिक सर्वे का काम सौंपा गया है, बस मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार है।
भौतिक सर्वे में रिंग रोड के दायरे में आ रही बसासत, कृषि, वन भूमि, पुल, पुलिया आदि का ब्यौरा होने के साथ ही डिजाइन तैयार होगा। रिंग रोड विश्वविद्यालय के भीतर से होकर भी गुजरेगी, इसके लिए विश्वविद्यालय की जमीन भी अधिग्रहित करनी होगी। विभाग की कोशिश है कि रिंग रोड की जद में कम से कम प्राइवेट जमीन या भवन आएं, ताकि उन्हें कम मुआवजा देना पड़े।
विभाग के सर्वे में ये है रूट
- एनएच-74 में जाफरपुर से शुरू होकर, दिनेशपुर, मटकोटा, हल्दी, फुलसुंगा, गणेशपुर, नारायणपुर, लालपुर में एनएच-74 से मिलेगी (35 किलोमीटर)
- यूपी की सीमा से नवाबंगज से शुरू होकर महतोष मोड़, जाफरपुर, दिनेशपुर, मटकोटा, हल्दी, फुलसुंगा, गणेशपुर, नारायणपुर, लालपुर में एनएच-74 पर मिलेगी (40 किलोमीटर)
प्रस्तावित फोरलेन रिंग रोड के भौतिक सर्वे के लिए एक करोड़ 28 लाख रुपये का प्रस्ताव मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही चयनित फर्म टीसीएस कंपनी सर्वे का काम शुरू कर देगी। सर्वे के साथ ही सड़क का डिजाइन भी तैयार किया जाएगा। बताया कि रिंग रोड को लेकर दो विकल्प रखे गए हैं। दोनों में से जो बेहतर होगा, उसी को अपनाया जाएगा।
-जेएस पंतोला, अधिशासी अभियंता, लोकनिर्माण विभाग, रुद्रपुर