रुद्रपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एफएनएससी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) लैब इसी सप्ताह शुरू होने की उम्मीद है। लैब की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और उपकरणों की स्थापना के साथ तकनीकी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस लैब के शुरू होने से जिले के मरीजों को गांठ (लंप) संबंधी जांच के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
एफएनएससी लैब में शरीर में बनने वाली विभिन्न प्रकार की गांठों की जांच एक पतली सुई के माध्यम से की जाती है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और प्रक्रिया भी कम समय में पूरी हो जाती है। अब तक ऐसी जांचों के लिए लोगों को हल्द्वानी, देहरादून या अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता था।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार लैब संचालन के लिए एक निजी संस्था के साथ एमओयू किया गया है। लैब की मशीनें, कंज्यूमेबल्स और अन्य तकनीकी उपकरण संस्था की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि चिकित्सा पर्यवेक्षण कॉलेज के विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने से न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान में भी मदद मिलेगी। मरीजों को आयुष्मान भारत व अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
कोट
एफएनएससी एक सरल और सुरक्षित जांच प्रक्रिया है, जिसमें एक पतली सुई के जरिए गांठ से सैंपल लेकर माइक्रोस्कोप से परीक्षण किया जाता है। इससे कम समय में सटीक रिपोर्ट मिलती है और मरीज को अनावश्यक सर्जरी या देरी से बचाया जा सकता है।- डॉ. सृजन श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर, पैथोलॉजी विभाग