प्री मानसून दस्तक दे चुका है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियां स्थापित तो की हैं, मगर चौकियों में जरुरी साजो सामान नहीं पहुंच सका है। क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में बनाई गई बाढ़ चौकियों में सन्नाटा पसरा होने के साथ ही ताला लगा है।
वहां कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है। यह हाल तब है जब मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी दी है।
दरअसल प्रभारी डीएम डॉ.आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आपदा से निपटने के लिए 35 बाढ़ चौकियां बनाई हैं।
जिले के अन्य जगहों की तरह काशीपुर क्षेत्र में भी सात जगहों पर प्राथमिक स्कूलों में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इमरजेंसी सुविधाएं तो किसी भी चौकी में न तो अभी स्टाफ नियुक्त हो सका है और न ही कोई उपकरण आ सके हैं।
बरसात का मौसम चल रहा है, ऐसे में बाढ़ चौकियों में साजों सामान और कर्मचारियों का न होना आपदा के प्रति सजगता को जरुर दर्शाता है।
बाढ़ सुरक्षा चौकी नंबर 1: ढकिया गुलाबो
समय: 12:02 बजे
बाढ़ सुरक्षा चौकी बनाए गए राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सन्नाटा पसरा मिला। चौकी में स्टाफ तो दूर ताला लटका मिला। चौकी में कर्मचारियों की ड्यूटी चार्ट तो कागजों में तैयार है, लेकिन धरातल पर कोई नहीं है। चौकी में आपदा से निपटने को जरुरी उपकरण भी नहीं पहुंचे।
बाढ़ सुरक्षा चौकी नंबर 2 लक्ष्मीपुर पट्टी
समय: 12:15 बजे
लक्ष्मीपुर पट्टी में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनाई बाढ़ सुरक्षा चौकी भी बंद पड़ी थी। स्कूल के गेट में ताला लटका हुआ था और यहां भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि इसी स्कूल में बाढ़ चौकी बनी है।
बाढ़ सुरक्षा चौकी नंबर 3: बैलजुड़ी
समय: 12:36
बैलजुड़ी गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनाई गई बाढ़ चौकी भी बंद मिली। गेट पर ताला और परिसर में सन्नाटा मिला। कोई भी कर्मचारी यहां भी नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में बाढ़ चौकी बनाई गई है।
बाढ़ चौकी नंबर 4: कुमायूं कालोनी
समय: 1:03 बजे
कुमायूं कालोनी में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बनाई बाढ़ चौकी भी बंद मिली। यहां भी गेट पर ताला लगा था। कोई भी कर्मचारी वहां नहीं था।
एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि क्षेत्र में सात बाढ़ चौकियां बनाने के साथ ही वहां तैनात होने वाले कर्मचारियों की सूची भी तैयार कर ली गई है। मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट मिलने पर कर्मचारियों को भेजा जाएगा। जिसके बाद कर्मचारी 24 घंटे तैनात होंगे। बाढ़ चौकियों के लिए जरुरी उपकरण तहसील में आ चुके हैं। उन्होंने मंगलवार की शाम बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया था।