बाढ़ सुरक्षा चौकियों को लेकर अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। एसडीएम ने शनिवार को ड्यूटी से नदारद पांच कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। कर्मचारियों की अनुपस्थिति की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। उन्होंने औचक निरीक्षण में बाढ़ चौकियों से गैरहाजिर होने पर निलंबन की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। वहीं गैरहाजिर कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दे रखी है। पहाड़ों में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी सात बाढ़ चौकियां बनाकर उनमें कर्मचारियों की तैनाती की गई है। अमर उजाला ने बाढ़ चौकियों का हाल जाना तो वहां कर्मचारी तो दूर ताले लटके हुए मिले।
रविवार को बाढ़ चौकियों की खबर प्रमुखता से छपने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने बाढ़ चौकियों से गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची बनाकर उन्हें सौंप दी। एसडीएम दयानंद सरस्वती ने बताया कि तहसीलदार की रिपोर्ट में शनिवार को बाढ़ चौकियों से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुनील नेगी, कमला धवन, पशुधन प्रसार अधिकारी पवन कुमार, चकबंदी लेखपाल विनोद कुमार और लीलमा अनुपस्थित थे।
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पांचों कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा एक संवेदनशील मामला है। अगर औचक निरीक्षण में अब कोई कर्मचारी बाढ़ चौकी से अनुपस्थित मिलता है तो उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।