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Uttarakhand: खटीमा के पांच गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में किया शामिल, पलायन की रफ्तार पर लगेगा ब्रेक

Thu, 22 May 2025 01:41 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा विकासखंड के पांच गांवों को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में शामिल किया गया है। इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से शत-प्रतिशत विकास कार्य कराए जाएंगे। 
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खटीमा के पांच गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में किया शामिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंडो-नेपाल बार्डर से सटे गांवों के विकास का खाका तैयार किया गया है। जिले में खटीमा विकासखंड के पांच गांवों को ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में शामिल किया गया है। इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से शत-प्रतिशत विकास कार्य कराए जाएंगे। केंद्र सरकार की मंशा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे गांवों से हो रहे पलायन को रोकना है।

खटीमा विकासखंड के बनमाहोलिया, नारायणनगर, कुमरहा, सिसिया बंधा और नगला तराई ग्राम पंचायत इंडो-नेपाल सीमा से सटी है। यहां के लोग बेहतर जीवन शैली, शिक्षा, रोजगार के लिए तेजी से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने 2022-23 में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ लागू किया। इसमें आर्थिकी सुधार के लिए आजीविका विकास और पर्यटन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

बदली परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों का खाली होना किसी भी दशा में उचित नहीं कहा जा सकता। यही कारण है कि केंद्र और राज्य सरकारें सीमावर्ती गांवों पर विशेष ध्यान दे रही हैं। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत इन गांवों का कायाकल्प किया जाना है। इसके पीछे मंशा इन गांवों से पलायन थामना भी है। इसी कड़ी में राज्य के वाइब्रेंट योजना में शामिल गांवों के लिए कार्ययोजना तैयार हो रही है। अब यहां आजीविका विकास समेत अन्य गतिविधियां तेजी से संचालित होंगी।

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इन मुख्य बिंदुओं पर होंगे कार्य
आर्थिकी सुधार, आजीविका विकास, ऊर्जा व नवीकरणीय ऊर्जा, घर व ग्रामीण अवस्थापना, पर्यटन, पारिस्थितिकी तंत्र का पुनरुद्धार, सड़क कनेक्टिविटी, कौशल विकास, सामुदायिक अवस्थापना सुविधा।

इसका उद्देश्य

  • यह योजना अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमावर्ती गांवों के स्थानीय, प्राकृतिक, मानव और अन्य संसाधनों के आधार पर आर्थिक चालकों की पहचान और विकास करने में सहायता करेगी।
  • सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं, महिलाओं के सशक्तीकरण के माध्यम पर आधारित विकास केंद्रों का विकास करना।
  • स्थानीय, सांस्कृतिक, पारंपरिक ज्ञान और विरासत को बढ़ावा देकर पर्यटन क्षमता का लाभ उठाना।
  • समुदाय आधारित संगठनों, सहकारी समितियों और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से ‘एक गांव-एक उत्पाद’ की अवधारणा पर स्थायी पर्यावरण, कृषि व्यवसायों का विकास करना।

अंतरराष्ट्रीय सीमा के सटे खटीमा के पांच गांव वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में चयनित हैं। इन ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित किए गए हैं। - मनीष कुमार, सीडीओ।

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