बाजपुर। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व, शिक्षा, अल्पसंख्यक प्राधिकरण, पुलिस की संयुक्त टीम ने तहसील क्षेत्र में चल रहे मदरसों का स्थलीय निरीक्षण कर जांच की। शिक्षा बोर्ड और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकारण की मान्यता के बगैर संचालित पांच मदरसों को सील किया गया। कार्रवाई पर मुस्लिम समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है।
बुधवार को एसडीएम ऋचा सिंह की अगुवाई में तहसीलदार पीएस चौहान, सीओ अखलेश कुमार ने संयुक्त टीम के साथ क्षेत्र में मदरसों की जांच पड़ताल की। मौके पर अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। टीम ने बगैर मान्यता के संचालित हो रहे चकरपुर रोड स्थित हबीबनगर में जामिया हनफिया रजा उल उलूम मदरसा, मदरसा मोइनुल उलूम केलाखेड़ा, मदरसा जामिया फातिमा जगन्नाथपुर, मदरसा गुलशन इस्लाम कनौरा, मदरसा हुज्जतुल इस्लाम गुमसानी रोड को सील कर दिया। टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेश चौहान, अल्पसंख्यक विभाग के प्रतिनिधि जसविंदर सिंह, रियाज अहमद, पंकज रस्तोगी, विजेंद्र सिंह, सतपाल बाबू, कृपाल राठौर, विपिन कुमार, मनीष कुमार, हंसू लाल, हेमा यादव मौजूद रहे।
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धर्म विशेष को टारगेट कर रही प्रदेश सरकार : हाजी
बाजपुर। कांग्रेस नेता हाजी कदीर अहमद ने प्रशासन की तरफ से मदरसों पर की गई कार्रवाई को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर धर्म विशेष को टारगेट कर रही है। मदरसा संचालकों का पक्ष भी नहीं सुना जा रहा है। मान्यता के लिए मदरसा संचालकों ने शिक्षा विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर रखा है, मान्यता देना सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षा विभाग के बाद ही प्राधिकरण से मान्यता लेना होगी, इसके लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित है।
मदरसा संचालक इरशाद अली ने बताया कि मान्यता के लिए आवेदन कर दिया है। मान्यता मिलने तक मदरसे में शैक्षिण कार्य 15 दिन पहले ही बंद कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को अनुचित बताया।