काशीपुर। एक व्यक्ति ने अपने दो भाइयों और अल्मोड़ा अर्बन बैंक के शाखा प्रबंधक समेत अन्य कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कराया है। आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद दोनों भाइयों ने शाखा प्रबंधक की सांठगांठ से करीब दस लाख रुपये की रकम हड़प ली।
मोहल्ला शक्तिनगर नईसब्जी मंडी निवासी प्रशांत वर्मा ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उनके पिता शिव किशोर वर्मा की मृत्यु 17 जनवरी 2008 को हो गई। पिता के बैंक खाते में पांच लाख रुपये जमा थे। उसके तीन भाई और मां पिता की चल-अचल संपत्ति में भागीदार हैं। उनकी मां कमलेश वर्मा, भाई मुकेश वर्मा, विकास वर्मा और उसके नाम से 18 जून 2008 को एक संयुक्त एफडीआर अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में बनवाई गई थी। मैच्योरिटी पर एफडीआर की रकम चारों उत्तराधिकारियों में बराबर बांटी जानी थी।
आरोप है कि मां की बीमारी और कमजोर स्थिति का फायदा उठाते हुए उसके दो भाइयों ने समय से पूर्व रुपये दस लाख तैंतालीस हजार सात सौ तैरासी रुपये एफडीआर का भुगतान ले लिया। प्रशांत का आरोप है कि इस कृत्य में बैंक अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मी भी मिले थे।
प्रशांत का यह भी आरोप है कि 25 जनवरी 2016 को उनके भाई मुकेश और विकास ने चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर उसकी मां कमलेश के खाते से भी 2,15,000 रुपये निकाल लिए। इसमें भी बैंक कर्मियों की भूमिका संदिग्ध रही। कोतवाली प्रभारी और एसएसपी को शिकायती पत्र भेजने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने दोनों भाइयों और बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।