काशीपुर/रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर की टीम ने बुधवार को मोहल्ला अल्ली खां में अवैध रूप से चल रहीं दो आरा मशीनें सील कर दीं। इसके विरोध में लोगों ने रेंजर की गाड़ी घेर ली। वन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किया। लकड़ी कारोबारियों की एसडीओ से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल भीड़ हटाई। मामले में आरा मशीन स्वामियों के अलावा 60-70 अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वनकर्मियों ने दो वर्ष पूर्व अल्ली खां में छापे मारकर अवैध रूप से चल रहीं पांच आरा मशीनें सील की थीं। अब इन मशीनों में लकड़ी चिरान होने की सूचना पर एसडीओ प्रदीप कुमार धौलाखंडी के नेतृत्व में 40 वन कर्मी मौके पर पहुंच गए। इस दल में काशीपुर के रेंजर संजीव कुमार, रामनगर के रेंजर देवेंद्र रजवार, बैलपड़ाव के विजय अधिकारी, बन्नाखेड़ा के रेंजर लक्ष्मण सिंह मर्तोलिया समेत आमपोखरा रेंज के वनकर्मी भी शामिल थे। इन वनकर्मियों ने अवैध रूप से चल रहीं दो आरा मशीनें देखीं।
इसलिए टीम ने शारिक की आरा मशीन सील कर परिसर के मुख्य गेट को भी सील कर दिया। उन्होंने शकील के घर के अहाते में लगी आरा मशीनें भी सील कर दीं। इसके बाद विभागीय टीम मुस्तकीम की मशीनों को सील कर रही थी। तभी वहां पहुंचे लोगों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें घेर किया। आरोप है कि लोग एसडीओ से नोकझोंक कर अभद्रता पर उतारू थे। उन्होंने काशीपुर के रेंजर संजीव कुमार की बोलेरो को घेरकर रोक लिया। खुद को घिरा देखकर वनाधिकारियों ने डीएफओ को सूचित किया। डीएफओ की सूचना पर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कोतवाली से पुलिस भेजी। एसएसआई प्रदीप मिश्रा के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ हटाई।
एसडीओ धौलाखंडी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि आरा मशीन स्वामी स्वामियों के अलावा 60-70 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा डालने, भारतीय वन अधिनियम 1927, आरा मशीन नियमावली 1978 के उल्लंघन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आरा मशीन स्वामियों ने लगाए वन अधिकारियों पर गंभीर आरोप
काशीपुर। तीन आरा मशीन स्वामियों ने वनाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा एसएसपी को शिकायती पत्र भेजा। इसमें मोहल्ला अल्ली खां निवासी मो. शारिक, शकील, मुस्तकीम ने बताया कि एसडीओ के नेतृत्व में 35-40 वनकर्मी मंगलवार को भी उनकी आरा मशीनों पर आए जबकि उनकी आरा मशीनें दो साल से सील हैं। उनका आरोप है कि वनकर्मी उनकी मशीनों से काफी सामान भी निकालकर ले गए।