शक्तिफार्म। कोरोना संक्रमित युवक का निधन होने पर उसका अंतिम संस्कार करने न तो कोई रिश्तेदार पहुंचा और न ही आसपास के लोग। प्रधान पति समेत दो लोगों ने अपने पांच युवा दोस्तों की मदद से मानव धर्म निभाते हुए युवक का अंतिम संस्कार कराया।
निर्मलनगर के 20 क्वार्टर निवासी समर बाछाड़ (32) सिडकुल की एक कंपनी में मजदूरी कर अपने परिवार में बूढ़ी मां, पत्नी, पांच वर्षीय पुत्र एवं 11 माह की पुत्री का भरण पोषण कर रहा था। समर के पिता का देहांत डेढ़ साल पूर्व हो गया था। तीन दिन पूर्व समर की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। होम क्वारंटीन रहकर ही समर अपना इलाज करा रहा था। बृहस्पतिवार को सुबह करीब पांच बजे समर की तबीयत बिगड़ी एवं उसने दम तोड़ दिया। कोरोना संक्रमित होने से उसके आवास पर अंतिम संस्कार के लिए न तो कोई रिश्तेदार पहुंचे और न ही आसपास का कोई ग्रामीण।
स्थिति यह रही कि मृतक की बूढ़ी मां, पत्नी व अबोध बच्चे तक मृत शरीर के पास नहीं जा पा रहे थे। दूर से ही करीब तीन घंटे तक पूरा परिवार रोता बिलखता रहा। इसकी सूचना एक ग्रामीण ने पत्रकार एवं तिलियापुर प्रधान पति पूरन डसीला और पत्रकार मुकेश कुमार को दी। दोनों पत्रकारों ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुखलाल राणा एवं अजय कुमार से संपर्क साध पीपीई किट के लिए अनुरोध किया। दोनों ग्राम विकास अधिकारी तत्काल पीपीई किट लेकर निर्मलनगर पहुंचे। जहां दोनों पत्रकारों के तिलियापुर निवासी पांच युवा साथी अजय आर्या, अमरिंदर पाल सिंह, हर्षवर्धन सिंह, सूरज सिंह एवं गुरुदेव सिंह ने पीपीई किट पहनकर मृतक समर का अंतिम संस्कार किया। इन पांचों युवकों को सहयोग के लिए राजनगर निवासी राजकुमार मजूमदार, सुमंत विश्वास एवं सुकुमार भी मौजूद रहे।