जीजीआईसी में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की ओर से पांच दिन पहले पुलिस को तहरीर कालेजकी प्रधानाचार्या पर लगाए गए मारपीट और गाली गलौच करने के आरोप के मामले में पुलिस ने कालेज की प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। इस मामले में प्रधानाचार्या की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है।
दरअसल जीजीआईसी में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मोहन दत्त बसकेती ने 21 नवंबर को कोतवाली में तहरीर देकर कालेज की प्रधानाचार्या पर मारपीट करने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। तहरीर में उन्होंने कहा था कि मेडिकल अवकाश के बाद वे 21 नवंबर को स्कूल आए थे। उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के लिए प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा को प्रार्थना पत्र और मेडिकल प्रमाण पत्र दिया था। उनका आरोप था कि प्रधानाचार्या वर्मा ने कागजों को फाड़ने के साथ ही उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उत्तेजित होकर चप्पल से उनकी पिटाई की।
प्रधानाचार्य ने रजिस्टर में उनके द्वारा किए गए हस्ताक्षर भी काट दिए थे। गलत आरोप लगाकर वेतन रोकने की धमकी दी गई। बृहस्पतिवार की रात एसएसपी के निर्देश पर इस मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रधानाचार्या वर्मा के खिलाफ धारा 323, 504, 506, 427 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है। दूसरी तरफ प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा ने भी कोतवाली में शिकायती पत्र देकर मोहन चंद्र पर अभद्रता करने का आरोप लगाया था। पुलिस की ओर से इस पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
तहरीर देने के बाद भी जीजीआईसी की प्रधानाचार्या के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होने से नाराज सरकारी स्कूलों व कार्यालय के लिपिकीय कर्मचारी शुक्रवार को कार्य बहिष्कार पर रहे। कर्मचारियों के शिष्ठ मंडल ने कोतवाली पहुंचकर एसआई प्रहलाद सिंह से मुकदमा दर्ज होने के बारे में जानकारी ली। एसएसआई प्रहलाद सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य कामिनी वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। जिसके बाद वे वापस लौट गए। इस मौके पर मोहन, अनिल गुप्ता, मुन्नी मेहता, अतुल कुमार, हरजीत, गोपाल प्रसाद आदि थे।