बिजली चोरी के आरोपी से जमानत की फीस मांगना अधिवक्ता को महंगा पड़ गया। आरोप है कि अधिवक्ता के साथ तीन भाईयों ने गाली गलौच कर हाथापाई कर डाली। गुस्साए अधिवक्ताओं ने कोतवाल का घेराव कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने तीनों भाईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के अनुसार काजीबाग निवासी हासिम के खिलाफ बिजली चोरी अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ था। हासिम ने काजीबाग के ही अधिवक्ता कमल कुमार सक्सेना के माध्यम से जमानत कराई थी। कमल का कहना है कि हासिम ने जमानत की फीस बाद में देने का वादा किया था। बुधवार की देर शाम हासिम उसे मोहल्ले में दिखाई पड़ा तो उसने फीस मांगी।
आरोप है कि हासिम ने अपने भाई नन्हे और नन्नी के साथ मिलकर उससे गाली गलौच और हाथापाई की। तीनों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। कमल का कहना है कि उसने तहरीर कोतवाली में दी, लेकिन पुलिस ने दर्ज नहीं किया। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने कोतवाल वीके जेठा का घेराव करते हुए आरोपियों पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की।
कमल ने बताया कि अधिवक्ताओं के दबाव में पुलिस ने तीनों भाईयों के खिलाफ धारा 323,504,506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घेराव करने वालों में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश जोशी, बार उपाध्यक्ष देवेश मिश्रा, वीरेंद्र चौहान, अमरीश अग्रवाल, विनय सक्सेना, अनिल सहरावत सहित अनेक मौजूद रहे।