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तीन कोरोना संक्रमितों की मौत से निर्मलनगर ग्रामसभा में भय

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शर्मिला मंडल
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शक्तिफार्म। नगर से करीब दो किमी दूर सितारगंज मार्ग पर स्थित निर्मलनगर ग्रामसभा में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। गांव में अब तक तीन संक्रमितों की मौत हो चुकी है। यह संख्या क्षेत्र की 13 ग्राम पंचायतों में सर्वाधिक है। बावजूद इसके गांव में अभी तक सैंपलिंग के लिए शिविर तक नहीं लगा।
क्षेत्र की 13 ग्राम पंचायतों में करीब 80 हजार की आबादी के इलाज के लिए नगर में एकमात्र अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ सहित तीन डॉक्टरों के सापेक्ष मात्र एक डॉक्टर संविदा पर तैनात है। पिछले साल बजाज कंपनी की ओर से दी गई एक्स-रे मशीन तकनीशियन न होने की वजह से शोपीस बनी हुई है।
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कोरोना मरीजों का प्राथमिक इलाज विधायक सौरभ बहुगुणा की ओर से हाल ही में दिए गए चार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित कुल छह कंसंट्रेटर के भरोसे है। डॉक्टरों की कमी से समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कोरोना काल में मरीज पीएचसी में आने से कतराने लगे हैं और नगर एवं गांवों के निजी क्लीनिकों के डॉक्टरों पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
निर्मलनगर में इस बार सर्वाधिक तीन संक्रमितों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर लोगों की सैंपलिंग नहीं कराई। गांव के मध्य स्थित जूनियर हाईस्कूल को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। लेकिन अभी तक उसमें किसी भी संक्रमित को नहीं रखा गया है। पूर्व में कोरोना संक्रमित मिले नौ लोग घरों में ही आइसोलेट होकर ठीक हो चुके हैं। (संवाद)
अंतिम सरकार से बनाई दूरी
शक्तिफार्म। साल 2020 में कोरोना की पहली लहर के साल भर बाद अब दूसरी लहर में मौत का प्रतिशत बढ़ने से लोगों में दहशत ज्यादा है। शायद यही वजह है कि कोरोना संक्रमित की मृत्यु के बाद उसके अंतिम संस्कार में नाते-रिश्तेदार और पड़ोसियों ने भी दूरी बना रखी है। कई मृतकों का पुलिस प्रशासन या सामाजिक संस्था से जुड़े लोगों ने क्रियाकर्म किया। (संवाद)
आशा कार्यकर्ताओं ने नहीं बांटी अभी तक दवाई
शक्तिफार्म। शासन के निर्देशानुसार विकास खंड कार्यालय से तीन दिन पहले ग्राम प्रधानों को कोरोना किट दी गईं हैं। इनमें आइवरमैक्टिन, एजिथ्रोमाइसिन और विटामिन सी की दवा शामिल है। लेकिन अभी तक आशा कार्यकर्तायों की ओर से इन दवाओं का गांव में वितरण नहीं किया गया है। (संवाद)
निर्मलनगर गांव की स्थिति
आबादी 6894
परिवार 1052
वोटर 3483
गांव में कोरोना की रोकथाम के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। दो युवा समेत तीन की मौत के बाद सैंपलिंग होनी चाहिए थी। अस्पताल जाकर जांच कराने पर संक्रमित निकले लोग स्वयं ही इलाज कराने के बाद ठीक हुए हैं। - सुमंत विश्वास, ग्रामीण।
शिविर लगाकर सैंपलिंग करने की जरूरत है ताकि संक्रमितों की वास्तविक संख्या का पता चल सके। 18 प्लस लोगों के वैक्सीनेशन के लिए बनाया गया एक केंद्र नाकाफी है। क्षेत्र में ऐसे केंद्र और बनाकर टीकाकरण बढ़ाया जाए। - विजन मंडल, ग्रामीण।
कई लोग लापरवाही करते हुए कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। पीएचसी में 45 प्लस लोगों के लिए वैक्सीन समाप्त हो गई है। इससे दूसरी डोज लेने वाले परेशान हैं। रोजाना कई लोग अस्पताल से निराश लौट रहे हैं। - दीपक प्रमाणिक, ग्रामीण।
सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन एवं कोविड कर्फ्यू का पूर्णत: पालन कर ही कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन पूरी तत्परता से इस महामारी के खिलाफ जुटा है। - देबू मंडल, पूर्व प्रधान।
कोरोना दवा की 50 किटें मिली हैं। मास्क भी दिए गए हैं। लक्षण पाए जाने वाले को किट दी जाएगी। संक्रमण को रोकने के लिए पूरे गांव को सैनिटाइज कराया है। जूनियर हाईस्कूल को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। जहां कोरोना पॉजिटिव को आइसोलेट किया जाएगा। - चंदना मंडल, ग्राम प्रधान।
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गांवों में सैंपलिंग के लिए मोबाइल टीम बनी हुई है। शक्तिफार्म पीएचसी में भी कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध है। पीएचसी में डॉक्टरों की तैनाती के लिए विधायक सौरभ बहुगुणा प्रयासरत हैं। शीघ्र ही डॉक्टरों की तैनाती की संभावना है। - डॉ. राजेश आर्या, चिकित्साधीक्षक, सितारगंज।
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