पहले भी माता-पिता बने औलाद की मौत का कारण
कभी-कभी अत्यधिक गुस्सा आना परिवार के लिए घातक साबित हो जाता है। ऐसे में कई बार जीवनभर न भूल पाने वाली दुर्घटनाएं हो जाती हैं। काशीपुर के हनुमान कॉलोनी में हुई घटना भी गुस्से का ही दुष्परिणाम है। जिले में इससे पहले भी कुछ ऐसे मामले आए हैं, जहां माता-पिता ही अपने बच्चों की मौत का कारण बने हों।
मोहल्ला अल्ली खां खालिक कॉलोनी निवासी अली हसन ने 24 नवंबर 2023 को अपनी दो बेटियों को तंत्र-मंत्र के चक्कर में मार डाला था। उसके अनुसार बेटियों पर ऊपरी हवा का साया था, जिसके चलते वह स्वयं तंत्र-मंत्र करता रहता था। वहीं ग्राम सरवरखेड़ा निवासी एक व्यक्ति परिवार साथ ठाकुरद्वारा में एक बाग में रहकर देखभाल करता था। आरोप था एक महीने पहले दंपती के बीच हुए विवाद में पति परिवार को छोड़कर अपने घर सरवरखेड़ा गया था। इसी बीच, पत्नी ने मासूम बच्ची के रोने पर उसे गुस्से में आकर चारपाई से जमीन पर पटक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। यह मामला आरोप-प्रत्यारोप तक ही सिमट गया था। कोई तहरीर नहीं मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
रुद्रपुर राजकीय चिकित्सालय के मनोचिकित्सक डॉ. ईश कुमार डल्ला ने इसे आवेश में हुई घटना बताया। अक्सर ऐसी घटना तब घटती है, जब व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो, नशे का आदी हो या फिर उसे नींद नहीं आने की शिकायत हो। ऐसे लोगों में चिड़चिड़ापन आ जाता है। ऐसे लोगों को कई बार अच्छी बात भी बुरी लगती है और वे जल्द आवेश में आ जाते हैं। यदि किसी भी परिवार में इस तरह का कोई व्यक्ति है तो उसका तत्काल मनोचिकित्सक से इलाज कराएं अन्यथा वह भविष्य में कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।I