काशीपुर। स्थानीय इंटर कॉलेज में फर्जी टीसी के आधार पर नवीं कक्षा में प्रवेश लेने के आरोप में दो सगे भाइयों और उनके पिता को कोर्ट ने पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 10-10 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को एक-एक महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार श्री गुरुनानक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गुरनाम सिंह ने वर्ष 2009 में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा था कि छात्र जसविंदर सिंह, पलविंदर सिंह निवासी टांडा उज्जैन हाल निवासी श्यामपुरम चैती रोड ने नवीं कक्षा में प्रवेश लिया था। दोनों ने प्रवेश लेते समय राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अदलपुर मुरादाबाद की टीसी लगाई थी।
टीसी सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक मुरादाबाद ने प्रतिहस्ताक्षरित की थी। दोनों छात्रों की टीसी लेते समय उनके पिता निंदर सिंह ने हिंदी में नाम लिखा था, जबकि प्रवेश आवेदन पत्र पर निंदर ने अंग्रेजी में हस्ताक्षर किया था। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि टीसी अदलपुर स्कूल से जारी नहीं हुई थी।
पुलिस ने निंदल और दोनों बेटे जसविंदर, पलविंदर के खिलाफ 420, 466, 468, 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सविता चमोली की अदालत में चला। अदालत ने सुनवाई में तथ्यों का अध्ययन, साक्ष्यों, गवाहों को सुना।
अभियोजन पक्ष के वकील अनुज कुमार साहनी और बचाव पक्ष के वकील के तर्क सुने के बाद कोर्ट ने तीनों को धारा 420, 466, 468 में दोषमुक्त कर दिया, लेकिन धारा 471 में दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि दी गई सजा में समायोजित की जाएगी।