काशीपुर। निर्माणाधीन मुरादाबाद-काशीपुर एनएच-734 के निर्माण कार्य में फैक्टरी की केमिकल युक्त काली और सफेद राख डालने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। किसानों का कहना है कि काली और सफेद राख में घातक केमिकल के अंश होने से उनके खेत की मिट्टी की उर्वरा शक्ति और पोषण तत्व नष्ट होने से फसल बर्बाद हो जाएगी।
मुरादाबाद से काशीपुर धनौरी तक बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार कंपनी सड़क भरान में मिट्टी डालने के बजाए विभिन्न पेपर मिलों और अन्य फैक्टरी की काली और सफेद राख से भरान कर रही है।
निर्माणाधीन एनएच-734 के पास के किसान बलबीर सिंह निवासी कुंडा काशीपुर, राकेश तोमर निवासी लालपुर सुल्तानगढ़, विनोद चौधरी व प्रमोद सिंह चौधरी निवासी लालपुर, सुखदीप सिंह निवासी कुंडा, अनूप तोमर, रक्षपाल सिंह व हरिप्रकाश शर्मा ने बताया कि फैक्टरी की केमिकल युक्त काली और सफेद राख से उनकी फसल खराब होने का खतरा है।
बताया बारिश के दौरान इससे पानी रिसकर उनके खेत में जाएगा, इससे उनके खेत की उर्वरा शक्ति व पोषण तत्व नष्ट होने का खतरा है। कहा जब खेत की जमीन की उर्वरा शक्ति व पोषण तत्व नष्ट होंगे तो उनकी फसल की उपज पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
किसानों ने बताया वह इस संबंध में कई बार शिकायत कर चुके हैं कि मिट्टी का भरान कराया जाए। बावजूद इसके ठेकेदार कंपनी मिट्टी के बजाए मिलों की काली व सफेद राख का इस्तेमाल कर रही है। कहा यदि उनकी मांग को नहीं सुना गया तो आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
वर्जन
निर्माणाधीन एनएच-734 में मिट्टी के बजाए मिलों की काली व सफेद राख के प्रयोग होने का मामला अब उनके संज्ञान में आया है। किसानों की समस्या को देखते हुए जानकारी करके काली व सफेद राख से भरान कार्य को रुकवाया जाएगा।
- अचल जिंदल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई