कुमाऊं के छह जिलों से भरे गए 33,997 मिट्टी के नमूनों के सापेक्ष एक लाख, 69 हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलेंगे। इन मृदा स्वास्थ्य कार्डों के आधार पर किसान अपने खेतों में उर्वरकों के अनावश्यक इस्तेमाल से बच सकते हैं। किसान अपने जिले की प्रयोगशाला से स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। यह कार्ड दो साल तक मान्य होगा।
भारत सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत वर्ष 2018-19 में कुमाऊं में मिट्टी की उर्वरता शक्ति की जांच के लिए 33,397 नमूने भरे गए थे। ढाई हेक्टेअर जमीन में एक नमूना भरने के मानक के अनुसार, इस वर्ष कुमाऊं में एक लाख, 69 हजार, 535 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलेंगे। किसान इन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अपने जिले में स्थित भूमि परीक्षण कार्यशाला से प्राप्त कर सकते हैं।
भूमि परीक्षण मंडलीय कार्यशाला के सहायक निदेशक मोहम्मद ताहिर ने बताया नमूनों के आधार पर किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार हो गए हैं। इन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार किसान दो वर्ष तक खेती में उर्वरकों का आवश्यकतानुसार उपयोग कर सकते हैं।
वर्ष 2018-19 के लिए किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड
जिला नमूने मृदा स्वास्थ्य कार्ड
ऊधम सिंह नगर 20,111 41,997
नैनीताल 4630 17,404
अल्मोड़ा 4002 45,285
बागेश्वर 1247 22,060
पिथौरागढ़ 1926 29,747
चंपावत 1481 13,042
मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फेट की कमी
रुद्रपुर। भूमि परीक्षण मंडलीय कार्यशाला में मिट्टी की शुरुआती जांच में प्रमुख पोषक तत्वों नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फेट में 40 से 50 फीसदी कमी आई है। इसके अलावा सूक्ष्म पोषक तत्व बोरान, जिंक, मैगनीज, कॉपर, आयरन की मात्रा कम, जबकि सल्फर की मात्रा पर्याप्त है। सहायक निदेशक ताहिर का कहना है कि पोषक तत्वों की विधिवत रिपोर्ट एक माह में तैयार हो जाएगी।