रुद्रपुर में टीडीसी भवनों और मशीनों की नीलामी प्रक्रिया पर चल रहे विवाद में किसान संगठन, टीडीसी के निदेशक और अंशधारी भी कूद गए हैं। उन्होंने बैठक करने के बाद कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और एडीएम अशोक कुमार जोशी के माध्यम से सीएम को चार सूत्री ज्ञापन भेजा। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच, एजीएम बुलाने और नीलामी प्रक्रिया रद्द नहीं करने पर पांच जून को कलक्ट्रेट पर धरना देने की चेतावनी दी है।
मंडी समिति बगवाड़ा में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिलेभर से किसान संगठन, टीडीसी के अंशधारी किसान और निदेशकों ने बैठक की। उन्होंने टीडीसी की हालिया स्थिति पर चिंता जताते हुए नीलामी प्रक्रिया पर सवाल खड़े गए। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान नेता कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि टीडीसी मुख्यालय, हल्दी बीज विधायन संयंत्र, श्रमिक आवासीय भवन एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रहे है लेकिन संयंत्र, आवासीय भवन और मुख्यालय की नीलामी संदेहस्पद है। हजारों-करोड़ों रुपयों की संपत्ति को महज छह से सात करोड़ में बेच दिया गया। इससे निगम के अंशधारकों और किसानों में आक्रोश है।
इस दौरान टीडीसी निदेशक हरभजन सिंह विर्क, राजेंद्र सिंह और अंकुर पपनेजा के अलावा तजेंद्र सिंह विर्क, जगतार सिंह बाजवा, कर्म सिंह पड्डा, राजकुमार ठुकराल, बल्ली सिंह चीमा, हरेंद्र सिंह लाडी, राजेंद्र पाल सिंह, विक्रमजीत सिंह, ठाकुर जगदीश सिंह, ललित मटियाली, राजेंद्र सिंह मक्कड़।
करोड़ों की जमीन स्क्रैप के भाव बेची
एजीएम नहीं बुलाई गई
प्रदर्शनकारियों ने कह कि निगम में 49 प्रतिशत हजारों अंशधारी किसान हैं लेकिन नीलामी प्रक्रिया को संपादित करने से पहले एजीएम नहीं बुलाई गई और ना ही निदेशक मंडल के संज्ञान में ही प्रकरण लाया गया। आरोप है कि पूर्व में भ्रष्टाचार में जेल में रह चुके अधिकारियों को नीलामी प्रक्रिया में गठित कमेटी में रखा गया। निदेशक मंडल के सदस्यों को नीलामी प्रक्रिया में रखा जाना चाहिए था।
बोले किसान नेता
सरकार के निशाने पर पूरी तराई की जमीनें और संपत्तियां हैं। एकजुट होकर तराई को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। - जगतार सिंह बाजवा, किसान नेता
शेयर होल्डरों को भी नीलामी प्रक्रिया से दूर रखा गया। अगर नीलामी निरस्त नहीं हुई तो कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी। - हरेंद्र सिंह लाडी, प्रदेश अध्यक्ष, किसान कांग्रेस