कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए रविवार को डीडी चौक पर कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका।
जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुशील गाबा ने कहा कि आज देश के लाखों किसान केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली कूच कर रहे हैं। इससे पूर्व शांतिपूर्वक दिल्ली जा रहे किसानों को हाइवे पर रोका गया जोकि लोकतांत्रिक नहीं है। सरकार की ओर से किसानों को न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही समय पर धान का भुगतान हो रहा है। सरकार ने किसानों का कर्ज भी माफ नहीं किया।
राज्य के प्रमुख कृषि उत्पादक जिले में धान खरीद बंद हो चुकी है। इसके बाद अब सरकार किसानों पर तीन कृषि कानूनों का बोझ लाद रही है। वहां युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, राजेंद्र निषाद, मोहन खेड़ा, विजय मंडल, चंद्रशेखर ओझा, किशोर कुमार, मनीष गोस्वामी, राजेश तनेजा, ओंकार ढिल्लों, भुवन चंद्र, प्रकाश अधिकारी, राजीव पालीवाल, नितिन सिंह, रवि बिष्ट, राहुल प्रजापति, मनोज दास,महबूब अंसारी, जावेद अख्तर, इमरान अंसारी, लवली थे।
किसान बोले कृषि कानूनों को वापस कराकर ही लौटेंगे
बाजपुर। दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र से 100 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों और कारों से रवाना हो गए। पुलिस प्रशासन ने किसानों को रोकने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने। किसान अपने साथ दो महीने का राशन भी लेकर गए हैं।
रविवार को श्री गुरुद्वारा साहिब के सामने क्षेत्र के किसान एकत्र हुए। यहां से नौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और 19 कारों में सवार होकर किसान दिल्ली को रवाना होने लगे। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन किसानों ने कहा कि दिल्ली आंदोलन में बाजपुर के किसानों की भागीदारी को कोई नहीं रोक सकता। किसान सेवक अजीत प्रताप सिंह रंधावा, विजेंद्र डोगरा ने कहा कि शीर्ष के नेताओं के निर्देशन के तहत हम दिल्ली कूच कर रहे हैं। कृषि कानूनों को वापस करने के लिए करो या मरो की स्थिति के लिए हम तैयार हैं। वहां प्रताप सिंह संधू, जगत सिंह, गोगी, लाडी, तेज प्रताप सिंह, अमर सिंह आदि थे।