गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान नहीं होने से गुस्साए किसानों ने शुगर मिल के प्रशासनिक कार्यालय के गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया। शुक्रवार से क्रमिक अनशन करने की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में कई किसान एकत्र होकर चीनी मिल कार्यालय पहुंचे और गेट पर तालाबंदी कर धरना दिया। सभा स्थल पर पड्डा ने कहा कि किसानों को दो साल से गन्ना का भुगतान नहीं मिला है, जिससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। करीब 47 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया भुगतान है। इसको लेकर कई बार सीएम को मांग पत्र भेजा गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। किसान नेता दलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने शुक्रवार से क्रमिक अनशन की चेतावनी दी। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष पड्डा ने बताया कि शुक्रवार को क्रमिक अनशन पर कर्म सिंह पड्डा, सुखचैन सिंह, जोधा सिंह, सतवंत सिंह, रंजीत सिंह गिल बैठेंगे। वहां अजीत प्रताप सिंह, केके शर्मा, सुखदेव सिंह, विक्रम कपूर, बिजेंद्र डोगरा, सुनील डोगरा, त्रिलोक जोशी, विक्रम कांबोज, आदि थे।
जीएम के आश्वासन पर नहीं माने किसान
प्रधान प्रबंधक राहुल गोयल ने मोबाइल पर बताया कि देहरादून में गन्ना सचिव से उनकी गन्ना भुगतान को लेकर बातचीत हुई है। उन्होंने 15 दिन के भीतर गन्ना भुगतान की 80 फीसदी धनराशि रिलीज करने का भरोसा दिया है। मोबाइल पर जीएम गोयल ने किसानों को गन्ना भुगतान का करने का भरोसा दिया, लेकिन किसान नहीं माने। इधर किसानों ने कहा कि भुगतान मिलने पर ही आंदोलन समाप्त होगा।