राष्ट्रीय राजमार्ग में आई कृषि भूमि का मुआवजा दिए जाने की मांग के लिए किसान का धरना छठे दिन भी जारी रहा। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग के कर्मचारियों को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के सदस्यों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं करने दिया। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसान की भूमि का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
रविवार को फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य करने पहुंचे कर्मचारियों को धरने पर बैठे किसानों ने रोक दिया। उन्होंने इसकी सूचना भाकियू की जिला इकाई के पदाधिकारियों को दी। जिला अध्यक्ष प्रेम सहोता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के कर्मचारी जेसीबी मशीन, डंपर आदि लेकर निर्माण कार्य शुरू करने आए थे। जिन्हें बता दिया गया कि मुआवजा मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने दिया जाएगा।
पंजाबी महासभा के सदस्यों ने भी सीएम को भेजे पत्र में कहा कि जब तक किसान को मुआवजा नहीं मिलता तब तक वह अधिग्रहीत भूमि पर निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। पत्र भेजने वालों में महेंद्र अरोरा, हरिओम सिंह, विनोद ठुकराल, दीपक अरोरा, अपार सिंह, रोशन लाल, मदनलाल, अवतार सिंह आदि थे।