अगस्त क्रांति दिवस पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर जिले भर के किसानों ने रुद्रपुर में सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी दी। किसानों ने एमएसपी, फसल खरीद गारंटी आदि मांगों को जोरशोर से उठाया। जुलूस निकाल रहे किसानों को पुलिस पकड़कर पुलिस लाइन ले गई। वहां से उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
जिले भर के महिला-पुरुष किसान बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे रुद्रपुर गल्ला मंडी में एकत्र हुए। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार से स्वामीनाथन रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देन और फसल की खरीद गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की। कहा कि जिले में कर्ज के बोझ तले दबा किसान आत्महत्या करने को विवश है।
सरकार को किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए। साथ ही किसानों को प्रति माह पांच हजार रुपये पेंशन देने और गन्ने का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। सभास्थल पर ज्ञापन लेने के लिए किसी अधिकारी के न पहुंचने पर किसान जुलूस की शक्ल में गिरफ्तारी देने के लिए कलक्ट्रेट के लिए निकले। लेकिन, गल्ला मंडी गेट के सामने एनएच-74 पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया।
किसानों की पुलिस कर्मियों के साथ तीखी झड़प हुई। पुलिस करीब सौ महिला-पुरुष किसानों को गिरफ्तार कर वाहन में भरकर पुलिस लाइन ले गई। वहां एसडीएम युक्ता मिश्रा ने पहुंचकर किसानों से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। विरोध कर रहे किसानों को बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
इस दौरान तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क, ठाकुर जगदीश सिंह, गुरजीत सिंह, मलूक सिंह, लखविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, माशूक अली, विद्यावती, कमलेश देवी, ज्ञान सिंह, ज्ञानीधर्म सिंह, सुरेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, हरपिंदर सिंह, सुखदेव सिंह, सतपाल सिंह, सतनाम सिंह, कुलवंत सिंह, कुलबीर सिंह, गुरजिंदर सिंह, गुरबाज सिंह, बलजीत सिंह आदि किसान शामिल रहे।