मझोला। खटीमा में गोशाला निर्माण का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उलानी ग्राम सभा के सुनपहर, उलानी, मोहनपुर, मजगमी आदि गावों में लावारिस पशु खेतों में गेहूं, मटर, गन्ने की फसल को चट कर रहे हैं। कई किसानों ने अपनी गेहूं की फसल को लावारिस पशुओं से बचाने के लिए चौकीदार तक रखे हैं। कुछ स्वयं ही दिनभर पशुओं से खेतों से भगाने में लगे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लावारिस पशुओं से पूरा ग्रामीण क्षेत्र त्रस्त है। किसानों की मेहनत से उगाई गई फसल को लावारिस पशु खा रहे हैं। कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है।
कोट
लावारिस पशुओं से ग्रामीण परेशान है। खेतों में घूम रहे लावारिस पशु गेहूं, मटर की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। तैयार लाई की फसल को रौंद के चले जाते हैं। खेतों की देखभाल के लिए चौकीदार को रखना पड़ रहा है। - हरदीप सिंह, ग्रामीण
- लावारिस पशुओं को रोज खेतों से भगाना पड़ता है। खेती कई टुकड़ों में होने के कारण हर जगह जाकर लावारिस पशुओं को भगाना संभव नहीं हो पता है। अधिकतर समय खेत की रखवाली करने में ही निकल जाता है जिस कारण किसी काम के लिए घर से बाहर जाना मुश्किल होता है। - गुरमुख सिंह, ग्रामीण
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लावारिस पशु गेहूं, गन्ना, मटर की खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान मेहनत से खेती करते हैं, लावारिस पशु कुछ समय में उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। उलानी ग्रामसभा के मजगमी गांव में तो 20 से 25 के झुंड में लावारिस पशु खेतों में घुस रहे हैं। - रसपाल सिंह, ग्रामीण
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लावारिस पशु खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। किसान सुबह, शाम और रात में भी लावारिस पशुओं को भगाने में लगे रहते हैं। प्रशासन से लावारिस पशुओं से जल्द निजात दिलाने की मांग की है। - रजवंत कौर, ग्राम प्रधान उलानी