चावल मिल मालिकों की हड़ताल की वजह से गल्ला मंडी में किसानों का धान न आने से सन्नाटा पसरा रहा। क्षेत्र की सीमा से लगी यूपी की राइस मिल में धान खरीद की सूचना से किसानों का जमावड़ा लग गया। उन्होंने मिल परिसर में जमकर हंगामा काटा और मिल मालिक के खेद जताने पर किसानों का गुस्सा शांत हुआ। किसानों ने हाइवे में सांकेतिक जाम लगाकर धान की फसल जलाई और गल्ला मंडी रोड में धरना दिया।
शनिवार को किसानों ने गल्ला मंडी रोड के एक हिस्से में यातायात बंद कर धरना दिया। किसानों को क्षेत्र से लगी बिलासपुर के डिबडिबा में स्थित महावीर राइस मिल में धान खरीद की सूचना मिली। उन्होंने मिल पहुंचकर धान खरीद को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। किसानों ने कहा कि जब मिल मालिक हड़ताल पर हैं, तो यहां धान खरीद क्यों की जा रही है। मामला तूल पकड़ा तो मिल मालिक पीडी अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए। कहा कि यह मिल यूपी में आती है और यहां हड़ताल नहीं है। फिर भी नजदीकी क्षेत्र होने की वजह से वह ऊधमसिंह नगर के मिल मालिकों के समर्थन में हैं। मिल कर्मियों ने गलती से एक ट्राली धान खरीद लिया था।
लेकिन उसके बाद नई खरीद नहीं की जाएगी। जो धान गलती से खरीदा गया, उसके लिए उन्होंने खेद जताया। इसके बाद किसान भूरारानी रोड स्थित हरियाणा राइस मिल भी पहुंचे। लेकिन वहां तुल रहा धान पहले की खरीद का होने की वजह से वे वहां से लौट गए। किसानों ने गल्ला मंडी के सामने स्थित काशीपुर हाइवे में उन्होंने हाइवे में धान की फसल जलाकर विरोध जताया। इस दौरान हाइवे में वाहनों की कतारें लग गई। किसानों ने गल्ला मंडी रोड पर धरना दिया। कहा कि हड़ताल की वजह से धान खरीद नहीं हो रही है। प्रशासन और मिल मालिकों के गतिरोध में किसान पिस रहा है। सरकार को समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए। कहा कि क्रय केंद्रों में काफी अव्यवस्थाएं हैं। अगर समस्या को जल्द हल नहीं नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। इस मौके पर तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क, विक्रमजीत सिंह, जगदीश सिंह, जसवीर सिंह, हीरा सिंह, अमृतपाल सिंह, जसपाल सिंह, मेजर जयदीप सिंह, अजमेर सिंह, बूटा सिंह, सुच्चा सिंह सहित अनेक मौजूद रहे।
डीएम के आश्वासन पर भी नहीं माने किसान
रुद्रपुर। गल्ला मंडी में धरने पर बैठे किसानों के बीच शनिवार की शाम डीएम डॉ. नीरज खैरवाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि मंडी में जो धान आया है, उसको तुलवाने की व्यवस्था आरएफसी केंद्रों में की जा रही है। मिल मालिकों की सरकार से शासन से वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि रविवार तक हड़ताल खत्म हो जाएगी, इसलिए किसान भी आंदोलन खत्म कर दें। किसानों ने कहा कि अगर मिल मालिक रविवार की सुबह धान खरीद शुुरू कर देते हैं तो वे अपना आंदोलन खत्म कर देंगे। जब तक वह हड़ताल पर रहेंगे उनका आंदोलन भी जारी रहेगा।