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किसानों ने नीलामी के लिए वाहन लाकर धरना दिया

Sun, 16 Jul 2017 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बाजपुर
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बाजपुर के शहीद भगत सिंह चौक पर धरना देते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है। किसान शनिवार को ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों को नीलामी के लिए शहीद भगत सिंह चौक पर लाए और धरने पर बैठ गए। इससे जाम लग गया। मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान करीब पौने एक बजे स्कूलों की छुट्टी होने पर छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एसडीएम पीएस राणा ने मृतक परिवार को सीएम विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की मदद दिलाने की संस्तुति रिपोर्ट भेजने, ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में मृतक किसान की पत्नी को नौकरी देने, बैंकर्स की बुधवार को बैठक कर वसूली में सितंबर, नवंबर तक राहत दिलाने का भरोसा दिया। इस पर किसानों ने वाहनों को हटा कर धरना स्थगित कर दिया।  
       
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में शनिवार को क्षेत्र के किसान शहीद भगत सिंह चौक पहुंचे। उन्होंने नीलामी करने के लिए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को चौक पर पहुंचाया। इससे वहां जाम लग गया। वाहनों की लंबी कतार लगने पर कोतवाल बीडी उनियाल ने पुलिस टीम के साथ किसानों ने वार्ता कर वाहनों को हटाने की अपील की लेकिन किसानों ने साफ इनकार कर दिया।
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एसडीएम राणा ने भी किसानों से वार्ता की। पहले चरण की वार्ता विफल हो गई। उसके बाद करीब एक बजे एसडीएम राणा फिर धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों से बातचीत की। एसडीएम के आश्वासन पर किसानों ने वाहनों को हटाकर धरना स्थगित कर दिया। राजेंद्र बेदी ने संचालन किया। वहां जगतार सिंह बाजवा, सुरजीत अग्निहोत्री, अजीत प्रताप रंधावा, विजेंद्र डोगरा, बल्देव सिंह संधू, सतनाम रंधावा, गौरव, अजय कुमार, रोहित, हनीफ, कुंदन, विक्रमजीत गिल, सुखेदव सिंह आदि थे।          

मृतक किसान के परिजनों को डेढ़ लाख रुपये सौंपे
 गांव बांसखेड़ी निवासी किसान बलविंदर सिंह सरना ने कुछ दिन पहले कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। पूर्व सीएम हरीश रावत और पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ ने शनिवार को उसके घर जाकर दुख व्यक्त किया। कांग्रेस पार्टी की ओर डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मृतक के पिता मलूक सिंह को सौंपी।

पूर्व सीएम रावत ने कहा कि कांग्रेस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है। बेहड़ ने कहा कि किसान बलविंदर की आत्महत्या के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार जिम्मेदार है। प्रदेशभर में कर्ज के बोझ से पांच किसान आत्महत्या कर चुके हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी।

इससे पहले जसपुर के विधायक आदेश चौहान, डीसीबी चेयरमैन सुभाष बेहड़, उपाध्यक्ष समीर पाठक, पूर्व दर्जामंत्री जितेंद्र शर्मा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रीना कपूर, पूर्व पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, सुभाष शर्मा, कामरान खां, जीत सिंह, राजेंद्र संधू, लखविंदर मेहता, यूनुस अहमद, साबिर, जैदी, तनवीर, प्रेम यादव आदि ने मृतक बलविंदर सिंह सरना के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।        
आत्महत्या मामले इंस्पेक्टर स्तर से जांच होगी        
एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि कर्ज में डूबे किसान बलविंदर सिंह सरना की आत्महत्या के मामले में डीएम ने इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी से जांच कराने के आदेश किए हैं। वहीं एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि जिले के किस इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई, यह उनके संज्ञान में नहीं है।         

अन्नदाता का आत्महत्या करना शर्मनाक : रावत       
पूर्व सीएम हरीश रावत ने रामपुर रोड स्थित पूर्व दर्जामंत्री जितेंद्र शर्मा के आवास पर प्रेसवार्ता की। कर्ज माफ न करने पर उन्होंने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि कर्ज में डूबा किसान आत्महत्या कर रहा है, जो कि राज्य के लिए शर्मनाक है। देश के तीन जिले खेती में अग्रणी है। उनमें ऊधमसिंह नगर भी शामिल है लेकिन दुख की बात है जिलेभर के तीन किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हुआ। किसानों से कर्ज की वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। चुनाव में अच्छे दिन आने की बात कहने वाली भाजपा कार्यकाल में अन्नदाता आत्महत्या कर रहा है। इसलिए कर्ज माफी के मामले को लेकर जल्द ही कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल सीएम त्रिवेंद्र रावत से मिलेगा। 
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