काशीपुर। किसान कानून रद्द करने की मांग को लेकर काशीपुर से भी काफी किसान दिल्ली पहुंचे है। इससे काशीपुर मंडी में सब्जी की आवक में दस प्रतिशत तक की गिरावट आई है। शनिवार और रविवार को मजदूर किसान एकता संगठन के बैनर तले काशीपुर से कई किसान दिल्ली पहुंचे गए।
किसान नेता जीतू ने बताया कि किसान बिल के विरोध में यहां के किसान दिल्ली स्थित बुराड़ी गांव के मैदान में पहुंचे है और आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। पंजाब, हरियाणा और यूपी से भी कई किसान यहां पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि अपनी मांग पूरी होने के बाद ही वापस लौटेंगे।
किसान दलों का नेतृत्व क्षेत्र के गगन कांबोज, अवनीध, गुरताज सिंह, गगन गोराया, सुखविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, परमवीर सिंह, गुरमुख सिंह, हरेंद्र सिंह आदि द्वारा किया जा रहा है। किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष टीका सिंह सैनी ने बताया कि मंगलवार को जसपुर से भी किसानों के दिल्ली कूच करने की योजना है। इधर, मंडी सचिव एमसी जोशी ने बताया कि किसानों के आंदोलन से सब्जियों की आवक में करीब दस प्रतिशत की गिरावट आई है। यही स्थिति रही तो दिल्ली से आने वाली सब्जियों की आवक और घटने के आसार हैं।
इधर, सितारगंज में केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेसियों में उबाल है। सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे पर सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया और पीएम का पुतला जलाया।
पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कांग्रेसियों ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाए। उन्होंने कृषि कानून को वापस लेने, किसानों का कर्ज माफ करने की भी मांग की। वहां पूर्व पालिकाध्यक्ष हाजी अनवार अहमद, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष करन जंग, नगराध्यक्ष हरपाल सिंह, जिलानी अंसारी, यूथ विधानसभा अध्यक्ष संदीप बावा, गुरप्रीत सिंह देओल, हसनैन मलिक, राजेश जायसवाल आदि थे।
वहीं, नानकमत्ता के सिसईखेड़ा गांव में यूथ कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष चंचल सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला भी फूंका। वहां विधानसभा उपाध्यक्ष अनीस सिंह राणा, ब्लॉक अध्यक्ष अमित कुमार, उपप्रधान नरेश सिंह, गोविंद सिंह, नीरज सिंह राणा, प्रकाश सिंह बब्बर, रामाशंकर प्रसाद, रवि सिंह आदि थे।
रुद्रपुर। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने बयान जारी कर कहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ देश में चल रहे आंदोलन से भाजपा के नेता बौखला गए हैं। जिस तरह भाजपा के नव नियुक्त प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने किसान आंदोलन में शामिल अन्नदाताओं को उग्रवादी करार दे दिया है, वह निंदनीय है। कहा कि भाजपा नेताओं में यदि शर्म है तो वह बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।
आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश से लोकतंत्र खत्म करना चाहती है। उधर, कृषि कानूनों के विरोध में किसान कांग्रेस कमेटी ने धरना देकर कानूनों को वापस लेने की मांग की। सोमवार को गूलरभोज तिराहे के पास प्रदेश महासचिव राजीव ग्रोवर के नेतृत्व में कार्यकर्ता एकत्र हुए और धरना दिया। कहा कि भाजपा सरकार कृषि कानूनों की आड़ लेकर किसानों के उत्पीड़न पर आमादा है।
इसके विरोध में किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी के निर्देश पर कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं। इस मौके पर श्याम ठुकराल, मोहम्मद रफी, विशाल मक्कड़, विशंभर मदान, अशोक ठुकराल, माधव ग्रोवर, यशपाल गुंबर, ध्रुव ग्रोवर, हनी कालड़ा, संगम बत्रा आदि मौजूद थे। संवाद
सितारगंज में पीएम का पुतला जलाते कांग्रेसी।- फोटो : SITARGANJ