गदरपुर। कच्चे आढ़तियों और सरकारी धान क्रय केंद्रों की ओर से धान खरीद नहीं होने से भड़के किसान मंडी परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने चेताया कि यदि यदि धान खरीद सुचारु रूप से नहीं हुई तो 26 अक्तूबर को होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। भड़के किसानों ने वार्ता करने आए तहसीलदार को भी दो घंटे धरनास्थल पर बैठाए रखा।
शनिवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में तराई किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तजेंदर सिंह विर्क की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान अनाज मंडी में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों में धान की खरीद धीमी गति से चल रही है। कच्चे आढ़तियों ने धान खरीद को बंद कर दिया है। पिछले 23 दिनों से जिले भर के किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते हुए धान खरीद के लिए आंदोलन कर रहे हैं लेकिन मौजूदा सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।
किसान नेता सलविंदर कलसी ने कहा कि धान की खरीद फरोख्त की आड़ में चल रही अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। यदि जल्द ही धान खरीद की व्यवस्था में सुधार नहीं लाया गया तो मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध किया जाएगा। सूचना पर वार्ता करने पहुंचे तहसीलदार भूपेंद्र सिंह चौहान को किसानों ने दो घंटे तक धरना स्थल पर ही बैठाए रखा।
इसके बाद हुई वार्ता में तय हुआ कि रविवार को एसडीएम मंडी समिति के अधिकारियों एवं कच्चे आढ़तियों से वार्ता करेंगे। वहां रविंद्र सिंह, संजय चौधरी, हरभजन सैनी, सतनाम चंद, हर्ष पाल सिंह, विपिन बवेजा, दीदार सिंह, रफीक अहमद, मनजीत सिंह बिट्टा, संतोष सिंह, सर्वजीत सिंह, सवदेश कुमार, नरेंद्र सिंह, एजाज अहमद, अशरफ अली, हरमिंदर सिंह, पूरन चंद आदि थे।
धान खरीद की लिमिट पूरी, आढ़तियों ने मंडी शुल्क देकर खरीदा धान
रुद्रपुर। धान खरीद की 10 हजार क्विंटल की लिमिट पूरी होने के बाद शनिवार को कच्चा आढ़ती धान की सरकारी खरीद नहीं कर सके। आरएफसी कुमाऊं की ओर से कच्चा आढ़तियों की लिमिट बढ़ाने के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव भी अभी तक मंजूर नहीं हो सका है। इस कारण अधिकांश कच्चा आढ़तियों ने दो प्रतिशत मंडी शुल्क देकर धान की निजी खरीद की। कच्चा आढ़तियों ने सरकार पर किसान का धान खरीदने में सक्षम न होने का आरोप लगाया। इधर, गल्ला मंडी में आढ़तों पर किसानों का औने-पौने दाम पर करीब 15 हजार क्विंटल धान बिका।
आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने कहा कि कच्चा आढ़तियों की धान खरीद लिमिट शीघ्र बढ़ने की संभावना है। मंडी निरीक्षक योगेश तिवारी ने कहा कि धान की निजी खरीद कर रहे सभी कच्चा आढ़तियों से सिक्स-आर ली जा रही है। जो कच्चा आढ़ती मंडी शुल्क नहीं देगा, उसे नोटिस जारी किया जाएगा। इधर, शनिवार को सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद जारी रही। तराई विकास सहकारी संघ पर करीब 400 क्विंटल, बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर करीब 600 क्विंटल व फुलसुंगा केंद्र पर 595 क्विंटल धान खरीद हुई।
धान खरीद पर सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं : अग्रवाल
रुद्रपुर। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर अग्रवाल ने कहा कि धान खरीद पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। सरकार किसान का धान खरीदने और भुगतान करने में सक्षम नहीं है। कच्चा आढ़तियों का मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। कोई अधिकारी कच्चा आढ़तियों और किसानों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है।
अधिकांश कच्चा आढ़तियों की 10 हजार क्विंटल की लिमिट तीन दिन पहले ही पूरी हो चुकी है। इस कारण कच्चा आढ़ती मजबूरी में निजी खरीद कर रहे हैं लेकिन खुले बाजार में चावल का मूल्य बेहद कम होने के कारण एमएसपी पर निजी खरीद करना घाटे का सौदा है। धान न खरीदने के बहाने से कच्चा आढ़तियों को काली सूची में डाला जा रहा है, जबकि सच तो यह है कि सरकार धान खरीदना ही नहीं चाहती है। सरकार की मंशा किसानों और आढ़तियों को परेशान करने की है।
जिले में धान की रिकॉर्ड खरीद, 20 केंद्रों का लक्ष्य बढ़ाया
रुद्रपुर। जिले में इस वर्ष धान की बंपर पैदावार होने के कारण नया रिकॉर्ड बन रहा है। जिले में अब तक 10 लाख, 71 हजार, 240 क्विंटल धान की सरकारी खरीद हो चुकी है। इसको देखते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जिले के 20 सरकारी क्रय केंद्रों का धान खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया है। आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि पिछले खरीफ सत्र में कुमाऊं मंडल में धान की कुल सरकारी खरीद 11 लाख, 12 हजार क्विंटल ही हुई थी।
उन्होंने कहा कि जिले में इस बार धान की अच्छी पैदावार होने के कारण और अधिक खरीद होने की उम्मीद है। इसको देखते हुए जिले के 20 सरकारी क्रय केंद्रों का खरीद लक्ष्य 10-10 हजार क्विंटल और बढ़ा दिया गया है। इनमें बाजपुर के चार, खटीमा के सात, झनकट के दो और सितारगंज के दो क्रय केंद्र शामिल हैं। वहीं, रुद्रपुर, काशीपुर, जसपुर, किच्छा और नानकमत्ता के एक-एक क्रय केंद्र शामिल हैं। ब्यूरो
बाजपुर में तौल केंद्रों पर धान खरीद हो गई शुरू, राहत
बाजपुर। राज्य समाज कल्याण अनुश्रवण समिति अध्यक्ष राजेश कुमार ने सहकारिता के तीन केंद्रों पर धान तौल बंद होने की समस्या को गंभीरता से लिया।
शनिवार को समिति अध्यक्ष राजेश कुमार ने मंडी समिति के धान तौल केंद्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं को सुना। उसके बाद समिति अध्यक्ष राजेश कुमार ने तौल केंद्र के लक्ष्य बढ़ाने के लिए सीएम दफ्तर को अवगत कराया। डीएम से मोबाइल पर वार्ता की।
दोपहर बाद सहकारिता के तीन तौल केंद्रों पर धान खरीद शुरू हो गई, जिस पर किसानों ने राहत महसूस की। इधर, सहकारिता एडीओ गंगा सिंह पिपलिया ने बताया कि शनिवार को सहकारी तौल केंद्रों पर 82 किसानों का 10 हजार 740 क्विंटल और आरएफसी के दो केंद्रों पर 23 किसानों का 2185 क्विंटल धान खरीदा गया।
सरकार वादे के मुताबिक करे किसानों को धान का भुगतान
शांतिपुरी। कांग्रेस नेता डॉ. गणेश उपाध्याय ने बयान जारी कर कहा कि कुमाऊं में 23 अक्तूबर तक 10 लाख 61 हजार क्विंटल की सरकारी धान खरीद हुई है। इसमें से सिर्फ 24 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों का हुआ है। करीब 174 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को होना बाकी है।
कहा कि सरकार ने वादा किया था कि 48 घंटे से एक हफ्ते के भीतर किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन 15 दिन से अधिक हो चुके हैं और अभी तक सरकार ने किसानों का भुगतान नहीं दिया है।
कहा कि यदि सरकार की स्थिति ऐसी ही रही तो किसान कैसे समय पर गेहूं की बुवाई करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों से किए वादे को जल्द पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को भुगतान के लिए हाईकोर्ट की शरण में जाने के लिए बाध्य कर रही है।
रुद्रपुर गल्ला में धान से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां।- फोटो : RUDRAPUR