बाजपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने रेलवे ट्रैक पर सांकेतिक धरना दिया। किसानों ने कहा कि यदि सरकार अपनी जिद पर अड़ी है तो हम भी कृषि कानूनों को खारिज कराने के लिए अडिग है। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे घोषित कार्यक्रम के अनुसार भाकियू प्रदेेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा की अगुवाई में किसान बाजपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां प्रदर्शन और नारेबाजी कर किसान रेलवे ट्रैक पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। धरना शाम चार बजे समाप्त हुआ। इस दौरान भाकियू प्रदेशाध्यक्ष पड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को आंदोलन करने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने सीएम पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाजपुर के 20 गांवों की भूमि के मसले को हल करने के लिए कई बार आश्वासन दिया गया लेकिन भूमि पर लगी खरीद फरोख्त की रोक अब तक नहीं हट सकी है, जिससे किसान आहत हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेने पर अड़ी है तो हम भी कानूनों को खारिज कराने के लिए अडिग है। वहां ज्येष्ठ उपप्रमुख जोरावर सिंह भुल्लर, दलजीत सिंह रंधावा, हरमंदर सिंह बरार, कुलविंदर सिंह किंदा, जगतजीत सिंह बाबा, संदीप आनंद, गुरमीत सिंह, भूपेंद्र कौर बेदी, रंजीत शेरगिल, राजेंद्र गिल, मंजीत सिंह, जसवंत सिंह, हरजीत सिंह, मंगा सिंह आदि थे।
धरना स्थल पर ही किसानों ने किया लंगर
बाजपुर। कृषि कानूनों को खारिज कराने को लेकर रेल पटरी पर धरना दे रहे किसानों ने धरना स्थल पर ही लंगर ग्रहण किया। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने लंगर ग्रहण करने की चर्चा रही। (संवाद)
खटीमा में अलर्ट रही पुलिस
खटीमा। किसान आंदोलन के तहत ट्रेन रोको अभियान को देखते हुए पुलिस महकमा अलर्ट रहा। यूपी सीमा के मझोला रेलवे स्टेशन और उसके समीपवर्ती संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त पर रही। चौकी प्रभारी मझोला कमलेश कुमार की देखरेख में उत्तराखंड की सीमा से लगे सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस फ्लैग मार्च करती रही।
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के बाजपुर स्टेशन के पास रेल पटरी पर धरना देते किसान।- फोटो : BAZPUR