सरकार की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
बाजपुर। 20 गांव की 5838 एकड़ जमीन के भूमिधरी अधिकारों की मांग को लेकर भूमि बचाओ सत्याग्रह आंदोलन के 77वें दिन आक्रोशित किसान तहसील के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के तेवर देखते हुए पुलिस बल मुस्तैद किया गया।
एसडीएम आरसी तिवारी, सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी, तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट, कोतवाल प्रवीण कोश्यारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने शासन-प्रशासन की ओर से चल रही कार्रवाई बताते हुए तहसील का ताला खोलने का अनुरोध किया। इस पर किसानों ने दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर ताला खोल दिया।
सोमवार सुबह किसान, महिलाएं तहसील परिसर में एकत्र हुए। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा ने कहा कि ढाई महीने से किसानों का आंदोलन चल रहा है। सीएम धामी के आश्वासन के बाद भी भूमि मामले का समाधान नहीं हुआ। सरकार अपने दिमाग से गलतफहमी को दूर कर दे। किसानों की जमीनों की तरफ किसी ने नजर की तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसान अपनी भूमि को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द नहीं चेती तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा तालाबंदी के दौरान तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तहसील में प्रवेश नहीं कर सके। वहीं कर्मचारी तहसील कार्यालय के ईर्द-गिर्द मंडराते रहे। संवाद
आंदोलन में ये रहे मौजूद-
भाकियू मंडल अध्यक्ष विक्की रंधावा, जोरावर भुल्लर, बल्ली सिंह चीमा, निरंजनदास गोयल, रजनीत सिंह सोनू, हरमंदर सिंह बरार, सतनाम रंधावा, एनबी भट्ट, अजीत प्रताप सिंह रंधावा, बिजेंदर डोगरा, गुरमीत सिंह पिंकू, प्रताप सिंह संधू आदि थे। संवाद