सितारगंज। गन्ना खरीद के लिए समय पर पर्ची न मिलने और गन्ने का उठान न होने से खटीमा के किसान परेशान हैं। उन्होंने मिल पहुंचकर प्रबंधन के अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताई। इस दौरान किसानों की मिल अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। किसानों ने मिल पहुंचे किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह के समक्ष समस्याएं रख उनके निस्तारण की भी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि चीनी मिल को पीपीपी मोड पर दिया गया तो किसान मिल को गन्ने की सप्लाई बंद कर देंगे।
बृहस्पतिवार को खटीमा क्षेत्र के गन्ना किसान दि किसान सहकारी चीनी मिल पहुंचे और मिल के जीएम से मिलकर गन्ना खरीद के लिए समय पर पर्ची न मिलने व गन्ने का उठान न होने की शिकायत करते हुए नाराजगी जताई। सीसीओ ऋषिपाल सिंह ने किसानों को बताया कि पिछले वर्ष के अनुपात में इस बार गन्ना अधिक उठ चुका है। सीसीओ ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी का 34 हजार क्विंटल गन्ना लिया है। पिछले एक सप्ताह से मिल में लगातार तकनीकी खराबी के कारण गन्ने का उठान भी कम हो रहा है।
मिल के प्रधान प्रबंधक राजीव लोचन शर्मा ने मिल के पीपीपी मोड में जाने की सूचना दी तो किसान आक्रोशित हो गए। चेतावनी दी कि खटीमा के किसान पीपीपी मोड में सितारगंज चीनी मिल को अपना गन्ना नहीं देंगे। मिल पहुंचे किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह के समक्ष गन्ना किसानों ने समस्या रखकर समाधान कराने की मांग की। सिंह ने मिल प्रबंधन को गन्ना किसानों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान के निर्देश।
आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह ने किसानों व मिल प्रबंधन से वार्ता के बाद गन्ना आयुक्त को पत्र भेजकर कंप्यूटर का कार्य पूर्व की भांति करने, गन्ना मूल्य भुगतान विगत वर्षों की भांति संबंधित बैंकों में भेजने, पर्ची कैलेंडर विगत वर्षों की तरह करने, समिति में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर पदों में प्रशिक्षित व अनुभवी ऑपरेटरों को रखने, खटीमा क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सुधारने की मांग की। वहां गन्ना समिति खटीमा के चेयरमैन भगवंत सिंह खालसा, पूर्व चेयरमैन इकबाल सिंह, पूर्व चेयरमैन बलजीत सिंह, जसपाल सिंह, अशोक मौर्य, निशान सिंह, करनैल सिंह, दीपक मौर्य, गन्ना समिति खटीमा के सचिव गांधीराम आदि थे।