ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार को पिता तुल्य मानकर वाजिद लगातार 30 सालों तक उनका जन्मदिन मनाता रहे। दिलीप कुमार से उनकी मोहब्बत के किस्से कई मशहूर पत्रिकाओं और अखबारों की सुर्खियां बने लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उनसे मिलने की हसरत वाजिद के दिल में ही रह गई। शहंशाह (दिलीप कुमार) के लिए वाजिद की दीवानगी का आलम यह था कि उन्होंने उनका जन्मदिन मनाने के लिए अपनी वह दुकान छोड़ दी, जिस पर वह 35 साल से काबिज थे। अब वह एक फैक्टरी में मजदूरी करते हैं।
पक्काकोट निवासी अब्दुल वाजिद के पिता अब्दुल वाहिद का 50 साल पहले इंतकाल हो गया था। घर में मरहूम पिता की कोई तस्वीर नहीं थी। वाजिद बताते हैं कि 30 साल पहले उन्होंने पिता को ख्वाब में देखने का ख्याल किया। इत्तेफाक से सपने में अभिनेता दिलीप कुमार आ गए। वाजिद ने रामनगर की एक मजार पर जाकर ख्वाब की ताबीर सज्जादानशीं मासूम मियां को बताई। मियां ने कहा कि अल्लाह ने जिसे ख़्वाब में दिखाया है बस उसी का एहतराम कर। तभी से वाजिद की चाहत अभिनेता दिलीप के लिए बढ़ गई। कटोराताल में उनकी नाई की दुकान अभिनेता दिलीप के फ़िल्मी पोस्टरों से पटी रहती थी।
हर साल वह अभिनेता का बर्थडे मनाते हैं। 20 साल पहले वह एक ट्रक से मुंबई पहुंच गए। भाड़े के बदले उन्हें ट्रक चालक की मसाज करनी पड़ी। वाजिद पाली हिल बांद्रा स्थित दिलीप के बंगले के बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। दोपहर बाद दिलीप घर से निकले तो वाजिद अपनी कहानी छपी पत्रिका लेकर उनकी कार के पीछे दौड़े। अभिनेता ने कार से ही इशारा किया। उनको लगा कि शायद वह उससे वहीं इंतजार करने के लिए कह रहे हैं। शाम तक वह वहीं जमे रहे। ट्रक लौटने का समय होने पर वह दिलीप से मिलने की हसरत पूरी किए बगैर लौट आए।
2010 में वाजिद आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। अपने हीरो का जन्मदिन मनाने के लिए उन्होंने दुकान मालिक से रुपये उधार मांगे तो बदले में उसने दुकान तत्काल खाली करने की शर्त रख दी। इस दुकान में वह 35 साल से था। वाजिद ने 20 हजार रुपये लेकर दुकान खाली कर दी और इस रकम से कटोराताल चौक पर सजावट कर ट्रेजडी किंग का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। दुकान दांव पर लगने के बाद वह एक फैक्टरी में मजदूरी कर रहे हैं। (संवाद)
रिक्शे से मुंबई जाते समय हादसे में हुए थे घायल
काशीपुर। अभिनेता से मिलने मुंबई जाने के लिए 2014 में वाजिद ने सात पहियों का विशेष रिक्शा तैयार किया था। वजन अधिक होने के कारण रिक्शा खींचना मुश्किल हो रहा था। इसके बावजूद वाजिद दिलीप से मिलने निकल पड़े। रास्ते में ट्रक की चपेट में आने से वह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। (संवाद)