पंतनगर से बाइक पर ड्यूटी आ रहे महिंद्रा एंड महिंद्रा फैक्ट्री के कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और उसकी पत्नी को नौकरी देने की मांग को लेकर शव को फैक्ट्री के गेट के सामने रखकर धरना प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे भी ग्रामीणों के साथ धरने में बैठ गए। इस दौरान उनकी फैक्ट्री प्रबंधन के साथ नोक-झोंक हुई। बाद में फैक्ट्री द्वारा परिजनों को सात लाख रुपये मुआवजा और मृतक की पत्नी को नौकरी देने के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
नारायणपुर निवासी 30 वर्षीय धनंजय पुत्र चांदबली दस वर्षों से लालपुर स्थित महिंद्रा एंड महिंद्रा फैक्ट्री में कार्यरत था। बृहस्पतिवार को वह पंतनगर में अपनी ससुराल गया था। शुक्रवार सुबह वह पंतनगर से बाइक संख्या यूके 06/डब्ल्यू 0301 से ड्यूटी के लिए निकला था। करीब छह बजे आनंदपुर गांव के समीप टैंकर से टक्कर होेने से उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के दौरान धनंजय ने हेलमेट भी पहना हुआ था। 108 एंबुलेंस से शव को किच्छा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
धनंजय की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए। सभी ग्रामीण दोपहर में विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में फैक्ट्री के गेट पर पहुंच गए। उन्होंने शव को फैक्ट्री गेट के सामने रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन से मृतक के परिजनों को 10 लाख मुआवजा और मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग की। फैक्ट्री के अधिकारियों के साथ विधायक शुक्ला की नोक-झोंक हुई।
तीन घंटे बाद विधायक और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच हुई दूसरे दौर की वार्ता में फैक्ट्री प्रबंधन मृतक के परिजनों को सात लाख रुपये मुआवजा और मृतक की पत्नी को नौकरी देने पर राजी हो गया। तब ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया। वार्ता के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अनिल प्रताप सिंह, एसके दुबे, अजीत सिंह सहित पुलिस अधिकारी मौजूद थे। प्रदर्शन करने वालों में सुरेश पपनेजा, विपिन जल्होत्रा, अक्षय अरोरा, श्रीकांत राठौर, रोहित कालड़ा, राजेश तिवारी, हेमू यादव, पूनम प्रजापति, रामचंद्र प्रजापति आदि शामिल थे।