रुद्रपुर। जिले के चार राजकीय इंटर कॉलेजों ने पीएम श्री योजना के तहत मिली 8,93,100 की राशि में से एक भी रुपया खर्च नहीं किया है। सीईओ केएस रावत ने लापरवाही मानते हुए सभी प्रधानाचार्यों से शनिवार तक स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर सितंबर का वेतन रोकने की कार्रवाई भी हो सकती है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में पीएम श्री के तहत जिले में चार राजकीय इंटर काॅलेजों का चयन किया गया था। इसमें शासन की तरफ से विद्यालय अनुदान व ड्रेस मद में विभाग को धनराशि उपलब्ध कराई गई थी।
छह सितंबर को राजकीय इंटर कॉलेज को 1,92,400, राजकीय इंटर काॅलेज रुद्रपुर को 2,65,500, राजकीय इंटर कॉलेज बागवाला को 2,38,600 और राजकीय इंटर कॉलेज बांसखेड़ा को 1,96,600 की राशि भेजी गई। सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए थे कि अतिशीघ्र इस धनराशि का प्रयोग कर प्रमाणपत्र विभाग को उपलब्ध कराएं।
विभागीय निर्देश के बावजूद चारों इंटर कॉलेजों के खाते में धनराशि पड़ी रही। बृहस्पतिवार को जब सीईओ ने इसकी समीक्षा की तो चारों कॉलेज के खाते में रकम डंप मिली। सीईओ ने इसे घोर लापरवाही माना और चारों कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से स्पष्टीकरण मांगा है।
कोट
पीएम श्री योजना के तहत चारों इंटर कॉलेजों को धनराशि उपलब्ध कराने के बावजूद धनराशि का कोई उपभोग नहीं किया जाना घोर लापरवाही है। शनिवार तक अगर संतोषजनक जवाब नहीं आया तो कार्रवाई की जाएगी।
- केएस रावत, सीईओ।