रुद्रपुर। एक फरवरी को संसद भवन में सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट से महिलाओं को रसोई से जुड़े उत्पादों के अलावा महंगे बिजली बिल और सोने पर टैक्स के साथ ही उस पर लगी इंपोर्ट ड्यूटी कम हाेने की ज्यादा उम्मीद है।
वहीं किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ने और मिडिल क्लास को दाल, चीनी, सिलिंडर आदि पर टैक्स कम होने की उम्मीद है। इसी के साथ चिकित्सा से जुड़े लोगों को कहना है कि आम जनता की सुविधाओं के लिए सरकारी खर्च बढ़ाया जाए।
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ये हैं उम्मीदें-
जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों पर आयात शुल्क कम हो। विदेशों की तर्ज पर चिकित्सा प्रशिक्षण के लिए अलग से बजट देना चाहिए।
- डाॅ. आंचल ढींगरा, चिकित्सक
आज के समय में आम आदमी के लिए दाल खाना भी मुश्किल हो गया है। कोई भी दाल 100 रुपये से नीचे नही है। दालों की कीमतें कम होनी चाहिए। बिजली के बिल में भी राहत मिलनी चाहिए।
-दिव्या गुप्ता, गृहिणी
पिछले सप्ताह सोना 1000 डॉलर गिरा। इस पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी कम हो ताकि जनता को भी राहत मिले। टैक्स भी एक फीसदी होना चाहिए।
-रूपेंद्र कौर, बिजनेस वूमेन
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महिलाओं के लिए सौंदर्य उत्पादों पर जीएसटी पांच फीसदी से दो फीसदी हो जाए तो ज्यादा बेहतर है। हम लोगों को जब कम दाम में मिलेगा तो हम भी जनता को कम राशि पर उपलब्ध करा सकेंगे।
-पूजा गांधी, सैलून संचालक