जिले की कार्यदायी संस्थाएं विधायकों की साख दांव पर लगा रही हैं। बजट होने के बाद भी विधायक निधि के कार्यों में तेजी नहीं आ पा रही है। इस पर सीडीओ इवा आशीष श्रीवास्तव ने कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाते हुए विकास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को सीडीओ ने विकास भवन सभागार में बार्डर एरिया डेवलेपमेंट प्रोग्राम, विधायक और सांसद निधि के कार्यों की समीक्षा की। बीएडीपी में हाल ही मेें अवमुक्त बजट को देखते हुए प्रमुखता से कार्य कराने की हिदायत दी गई। कहा कि खटीमा सीमांत क्षेत्र में होने के कारण अन्य ब्लाकों से पिछड़ा हुआ है। लिहाजा बीएडीपी के कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए और समय पर काम कराने की रणनीति बनाई जाए। कहा कि योजना में अब पर्याप्त बजट भी उपलब्ध हो चुका है। इसके बाद विधायक निधि की समीक्षा के दौरान पाया गया कि इस मद में 19.50 करोड़ का बजट उपलब्ध हो चुका है। मगर कार्यदायी संस्थाओं ने अब तक महज 3.31 करोड़ की धनराशि ही व्यय की। लघु सिंचाई और आरइएस कार्यदायी संस्थाओं की प्रगति निराशाजनक पाई गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि विधायक निधि के 125 काम पूरे और 309 प्रगति पर हैं। जबकि 370 कार्य शुरू ही नहीं कराए गए हैं। इस दौरान विधायक राजकुमार ठुकराल, सांसद भगत सिंह कोश्यारी के निजी सचिव सुरेश सिंह गड़िया, पीडी बालकृष्ण, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक बीआर आर्या, ईई आरइएस ललित मोहन, जलसंस्थान ईई अशोक कुमार सक्सेना, लघु सिंचाई ईई विनय सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य, डीएचओ रतन सिंह, प्रदीप जोशी, गौरीशंकर सती आदि मौजूद थे।