रुद्रपुर। परीक्षा की तैयारी, त्योहारों की छुट्टियां और फिर प्री-बोर्ड परीक्षा ने शिक्षकों की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। ऊधमसिंह नगर के सरकारी और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कम समय में पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम सुधारने के लिए भी अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।
25 अक्टूबर से प्रस्तावित अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में जिले के 75 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इसके बाद त्योहारों का सिलसिला थमते ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के करीब 15 हजार परीक्षार्थियों को प्री-बोर्ड की तैयारी में जुटना होगा। जिले के 400 से अधिक सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शैक्षणिक तैयारियों का आकलन करेंगी। परीक्षा परिणाम से विद्यार्थियों की विषयवार कमजोरियों का पता चलेगा। इसके आधार पर शिक्षकों को आगे की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए रणनीति बनानी होगी। पूर्व में एसआईआर ड्यटी के कारण कई विद्यालयों में कोर्स पीछे चल रहा है। इसे समय से पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण होगा।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं
बोर्ड परीक्षा का परिणाम बेहतर बनाने के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा के बाद कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित करने पर जोर रहेगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलाने, पाठ्यक्रम का दोहराव कराने और मॉडल प्रश्नपत्र हल कराने की योजना है। इससे विद्यार्थियों की कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
कोट-
अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं से विद्यार्थियों की तैयारी का आकलन होगा। इसके बाद कमजोर बच्चों को चिह्नित कर अतिरिक्त कक्षाओं और नियमित रिवीजन के माध्यम से बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने का प्रयास किया जाएगा। कोर्स समय पर पूरा करने के भी शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। - हरेंद्र कुमार मिश्रा, सीईओ