रुद्रपुर। विश्व मृदा दिवस पर कृषि विभाग की ओर से विकास भवन स्थित शहीद ऊधमसिंह सभागार में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरीप्रसाद गंगवार ने कहा कि जिले का किसान गरीबी की चपेट में है।
किसान पशुपालन भी नहीं कर रहे हैं, जिससे कंपोस्ट खाद नहीं मिल पा रही है और अत्यधिक रसायनों के उपयोग से भूमि की पैदावार क्षमता घटती जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को किसानों की आय बढ़ाने में सहयोग देना चाहिए।
गोष्ठी के अध्यक्ष विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य को लेकर किसानों में जागरूकता की कमी है। मृदा परीक्षण करवाने के बाद किसान मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को दूर कर फसल की बुआई करें। काशीपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से आए मृदा विषेशज्ञ डॉ. सी तिवारी ने कहा कि भूमि असंख्य जीवों की आत्मा है, इसलिए इसकी रक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भूमि में जो भी रासायनिक पदार्थ डाला जाता है वो पौधों अथवा पशुओं के दूध, मांस के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करता है जिस कारण से अनेक गंभीर रोग हो रहे हैं, इसलिए भूमि में पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग किया जाना चाहिए।
मृदा परीक्षण की सहायक निदेशक विधि उपाध्याय ने किसानों को विश्व मृदा दिवस मनाने के कारण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, मृदा परीक्षण के लाभ, जिले के हर ब्लॉक में मिट्टी में जिन पोषक तत्वों की कमी है और उन पोषक तत्वों की कमी पूरी करने की जानकारी दी गई।
इस दौरान जिले के 30 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बांटे गए। मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि जिले में 40 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे जा चुके हैं। गोष्ठी में किसान बंधु सतनाम सिंह, हरदेव सिंह, श्यामलाल, रामप्रकाश, देवीदास, रामचरण, मुंशीराम, नंदलाल, रामप्रसाद, देवीराम, मोतीराम थे।