मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड से 2020 तक गरीबी को दूर करने और दस लाख लोगों को पेंशन देने का लक्ष्य है। हर परिवार में एक कमाऊ होगा। 50 हजार युवाओं को दक्ष कर उद्यमी बनाया जाएगा। सरकार गरीब, मजदूर, किसान, पुरोहित, मौलवियों और कथावाचकों को भी पेंशन दे रही है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां, 24 घंटे बिजली दी जा रही है और अन्य राज्यों से बिजली के दाम भी कम हैं। उन्होंने बिचुवा के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत करने की घोषणा की। कांग्रेसियों ने सीएम का फूलमाला से भव्य स्वागत किया।
बृहस्पतिवार को बिचुवा के राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में कांग्रेस की जनसभा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार किसानों के विकास को प्रतिबद्ध है। उनकी सरकार ने ढाई साल में ऐतिहासिक काम किया। पूरे देश में सिर्फ उत्तराखंड ही एक ऐसा राज्य है, जहां किसानों के गन्ने का पहले भुगतान किया गया। जल्द ही शेष बकाया भुगतान भी कर दिया जाएगा। गन्ना खरीद मूल्य सभी प्रदेशों से ज्यादा रखा है। देश में सबसे सस्ता एपीएल राशन यहां दिया जाता है। 2020 तक राज्य से गरीबी दूर कर दी जाएगी और सरकार ने दस लाख लोगों को पेंशन देने का लक्ष्य रखा है। सीएम रावत ने कहा कि महिला सशक्तीकरण पर सरकार कार्य कर रही है। आज उत्तराखंड के प्रत्येक थाने में एक महिला एसआई तैनात है। 2022 तक हर महिला का खाता होगा और बैलेंस की व्यवस्था सरकार करेगी।
60 प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड दिए गए है। शेष को मार्च तक बांटे जाएंगे। उत्तर भारत में सबसे बेहतर सड़कें उत्तराखंड में हैं। बच्ची पैदा होने से लेकर दादी-नानी बनने तक पेंशन देने की व्यवस्था की गई है। उनके कार्यकाल से पहले 1.74 लाख लोगों को दो सौ रुपये के हिसाब से पेंशन दी जाती थी। वर्तमान में 7.25 लाख लोगों को एक हजार रुपये पेंशन दी जा रही है। 65 वर्षीय बुजुर्गों को पांच प्रतिशत बढ़ाकर पेंशन दी जाएगी। इससे पूर्व सीएम रावत ने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के साथ गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुंच मत्था टेका और अरदास की।
इस मौके पर दर्जा राज्यमंत्री गोपाल सिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य ईश्वरी प्रसाद गंगवार, केएमवीएन अध्यक्ष किरन मंडल, पूर्व विधायक नारायण पाल, मंडी चेयरमैन केडी गहतोड़ी, हरपाल सिंह, मालती विश्वास, डा. कुलवंत सिंह, सतपाल सिंह गोल्डी, शिववर्धन सिंह, वसीम सलमानी, दयाकिशन कलौनी, मलूख सिंह खिंडा, दान सिंह मम्मा, सुखवीर सिंह बिट्टू, पृथ्वीपाल चौहान आदि थे। संचालन सरबन सिंह राणा ने किया।
आलोचना सुन फिर मंच पर सीएम पहुंचे
मुख्यमंत्री हरीश रावत मंच पर लगभग 20 मिनट रुके। 14 मिनट का अपना भाषण देने के बाद कांग्रेसियों ने सीएम को फूलों की माला पहनाई। यहां गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सचिव डा. केहर सिंह ने सीएम हरीश रावत को ज्ञापन सौंपने और राय सिख समाज की मांगें रखनी चाही तो सीएम उनसे मिले बगैर ही मंच से चल दिए। इस पर डा. सिंह ने मंच से ही आक्रोश जता दिया और आलोचना करने लगे। उन्होंने कहा कि राय सिखों की उपेक्षा कांग्रेस को भारी पड़ेगी। यह सुन सीएम रावत गैलेरी से तुरंत ही वापस हो लिए और मंच पहुंचकर केहर सिंह से वार्ता की। डा. केहर ने सीएम रावत से पांच सीटों पर राय सिख प्रत्याशी को टिकट देने की मांग की। सीएम ने उनकी मांगों को हल करने का आश्वासन दिया।
दूरस्थ गांव में पहली बार पहुंचे सीएम
अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बिचुवा में पहली बार हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री हरीश रावत के आने से लोगों में बेहद उत्साह था। तय कार्यक्रम दोपहर 1:20 बजे से पहले ही सुबह 11 बजे पंडाल खचाखच भर गया और लोगों की भारी भीड़ जुटी। लेकिन, सीएम रावत नियत समय से सवा दो घंटा देरी से पहुंचे। सीएम के नानकमत्ता से कार से आने की सूचना पर मौजूद भीड़ में मायूसी छाने लगी और जनसभा स्थल से लोग जाने लगे। लेकिन, जैसे ही सीएम के हेलीकाप्टर ने जनसभा स्थल के पास बने हेलीपेड पर लैंड किया तो लोग उत्साहित हो गए। वहीं, सीएम भी कार से जनसभा स्थल पहुंचे और सीएम ने जनता का अभिवादन किया।
सीएम के बिचुवा आगमन का विरोध करने पर भाजपाई गिरफ्तार
बृहस्पतिवार को नानकमत्ता विधायक डा. प्रेम सिंह राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गन्ने हाथों में लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हरीश रावत का विरोध जताया। यह देख सीओ राजेश भट्ट मौके पर पहुंचे और भारी पुलिस बल के साथ विधायक राणा व उनके समर्थकों को जनसभा स्थल से करीब आठ सौ मीटर दूर सड़क पर रोक लिया। इस पर विधायक राणा सड़क पर ही कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि सितारगंज की दि किसान सहकारी चीनीमिल पर किसानों का लगभग 18 करोड़ 25 लाख रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। लेकिन, रावत सरकार ने किसानों की बकाया पेमेंट का भुगतान नहीं किया। किसान पेमेंट न मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। इस पर पुलिस विधायक राणा समेत 49 लोगों को गिरफ्तार कर खटीमा कोतवाली ले गई और शाम को करीब चार बजे जनसभा के समापन के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में सांसद प्रतिनिधि जगदीश जोशी, दीपचंद आर्य, संता सिंह, महताब सिंह, धन सिंह सामंत, गौरव वर्मा, बलवंत सिंह आदि थे।