पंतनगर। जीबी पंत कृषि व प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आईसीएआर की ओर से संचालित ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटेड रिसर्च प्रोजेक्ट ऑन फ्रूट्स की 13वीं समूह चर्चा का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इसमें देशभर के विभिन्न शोध केंद्रों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। राष्ट्रीय आयोजन सचिव व परियोजना समन्वयक (फल) डाॅ. प्रकाश पाटिल ने सुव्यवस्थित व सफल आयोजन के लिए सचिव डाॅ. एके सिंह और उनकी टीम को बधाई दी। यहां विभिन्न केंद्रों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद पुरस्कारों की घोषणा की गई।
इसमें पहला पुरस्कार नवसारी कृषि विश्वविद्यालय गंदेवी को और दूसरा पुरस्कार महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ राहुरी को प्रदान किया गया। वहीं बेस्ट एक्सपेरिमेंटल इंचार्ज अवार्ड से पंतनगर विवि की कीट वैज्ञानिक डाॅ. पूनम श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। अधिष्ठाता कृषि डाॅ. सुभाष चंद्र ने विजेताओं को बधाई दी।
निदेशक शोध डाॅ. एसके वर्मा ने एआईसीआरपी की उपयोगिता और समन्वित अनुसंधान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने फल उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक समन्वित प्रयासों की जरूरत पर बल दिया। आईआईएचआर बंगलूरू के प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. पीसी त्रिपाठी ने विवि की ओर से उत्कृष्ट आयोजन की सराहना करते हुए एआईसीआरपी के तहत प्रगति को सकारात्मक बताया।
उन्होंने केंद्र प्रभारी वैज्ञानिकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए क्षेत्र-विशिष्ट समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र केला के डाॅ. सेल्वा रंजन ने बताया कि केला वैश्विक स्तर पर निर्यात की जाने वाली प्रमुख फसल है जिससे विदेशी मुद्रा अर्जन की अपार संभावनाएं हैं। संयुक्त महानिदेशक (फल एवं बागवानी फसलें) डाॅ. वीबी पाटिल ने पुरस्कार प्राप्त केंद्रों की चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की। उन्होंने क्लीन प्लांट सेंटर की भूमिका को रेखांकित करते हुए ड्रैगन फ्रूट जैसी नवीन फसलों पर शोध की जरूरत पर बल दिया। संवाद