काशीपुर। आइसोलेशन में रह रहे एक युवक का शव अपने घर में दुपट्टे के सहारे छत से लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मृतक परिवार का इकलौता बेटा था।
वैशाली कॉलोनी गली नंबर एक निवासी उमेश चंद्र शर्मा आईजीएल में नौकरी करते थे। एक वर्ष पूर्व उन्होंने खुद का रेस्टोरेंट शुरू कर दिया था। उनका इकलौता बेटा 21 वर्षीय कुलदीप शर्मा द्वाराहाट (अल्मोड़ा) इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक द्वितीय सेमेस्टर का छात्र था। खांसी-बुखार की शिकायत होने पर कुलदीप तीन दिन पूर्व ही द्वाराहाट से अपने घर लौटा था। एहतियात के तौर पर परिजनों ने उसे मकान के एक कमरे में आइसोलेट कर दिया था। बृहस्पतिवार की रात खाना खाने के बाद उसने अपने पिता उमेश से जुकाम की दवा ली। कुछ देर बाद उसने मच्छर लगने की बात कहते हुए अपनी मां से दुपट्टा ले लिया और दरवाजा बंद कर सोने चला गया। शुक्रवार को सुबह 9 बजे तक भी उसके कमरे का दरवाजा नही खुला तो परिजनों का माथा ठनका। उन्होंने झांक कर देखा तो युवक का शव दुपट्टे के सहारे छत के कुंडे से लटका हुआ था। सूचना पर पहुंची आईटीआई पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। उमेश मूल रूप से बरेली के शाही क्षेत्र के रहने वाले थे। 15 वर्ष पूर्व वह काशीपुर आकर बस गए थे। परिवार में माता गीता शर्मा के अलावा दो बहनों शिवानी और आरती शर्मा का रो रोकर बुरा हाल है।