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जिला प्रशासन ने सात घंटे में धवस्त किए 38 अतिक्रमण, नहीं हुआ विरोध

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बच्चों के साथ रोती महिला। - फोटो : KASHIPUR
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प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी लगाकर हेमपुर इस्माइल में हाइवे किनारे वर्षों से काबिज 38 अतिक्रमणकारियों को हटवा दिया। इस दौरान प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए किसी तरह का विरोध नहीं झेलना पड़ा। आशियाना उजड़ने से दुखी लोग प्रशासन से उनके रहने की व्यवस्था कराने की गुहार लगाते रहे लेकिन प्रशासन सुबह से शाम तक अतिक्रमण ध्वस्त करने में जुटा रहा।
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बाजपुर रोड बहला पुल स्थित हाइवे किनारे हेमपुर इस्माइल में दो दशक पूर्व से विभिन्न स्थानों के 38 परिवार झुग्गी-झोपड़ी में रहकर मजदूरी से अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे। शनिवार को हाईकोर्ट के आदेश पर करीब साढ़े 11 बजे जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण ढहाना शुरू कर दिया।
प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कुछ लोगों ने खुद अपने घर तोड़ने शुरू कर दिए थे लेकिन कुछ लोग अपना आशियाना बचाने की गुहार लगाने लगे। शाम छह बजे तक तक प्रशासन की टीम ने चिह्नित किए गए 38 अतिक्रमणकारियों के घर, दुकान आदि तोड़कर उन्हें हटा दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने आसपास के लोगों की मदद लेकर अपना सामान सुरक्षित कर लिया लेकिन कुछ लोगों का सामान क्षतिग्रस्त भी हुआ।
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मुख्य नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर 38 लोगों को चिह्नित कर उनके द्वारा किया गया अतिक्रमण तोड़ा गया है। 20 लोगों ने सिविल कोर्ट में अपील की है। कोर्ट का निर्णय आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहां सीओ मनोज ठाकुर, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह, एसएनए आलोक उनियाल, आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप अधिकारी, लेखपाल अरूण कुमार, विकास चौधरी, जेई दीपक शर्मा, एई शिशुपाल यादव सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
11 कनेक्शनों से जल रही थी 38 परिवरों की बिजली
काशीपुर। ऊर्जा निगम के जेई दीपक शर्मा ने बताया कि हेमपुर इस्माइल में काबिज जिन 38 लोगों का अतिक्रमण हटाया गया उनमें से मात्र 11 घरों में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे थे। अतिक्रमण हटाने के दौरान मीटरों को उतारकर कार्यालय में जमा करा दिया गया है। इन 11 लोगों से ही बिजली लेकर अन्य परिवार अपने घरों में बिजली जला रहे थे।
हर किसी को था आशियाना उजड़ने का दुख
काशीपुर। बिहार निवासी मीरा शाह ने बताया कि वह करीब बीस वर्षों से परिवार के साथ यहां रहकर सड़क किनारे चाय का खोखा चलाती है। पति सुरेंद्र शाह बीमार रहते हैं। घर में दो बहू, पोती-पोते सहित 12 लोग हैं। प्रशासन को उन्हें उजाड़ने से पहले उनके रहने की व्यवस्था करनी चाहिए थी। सतीश कुमार ने बताया कि वह करीब 22 साल से यहां झोपड़ी डालकर रहते हैं। पत्नी की पहले मौत हो चुकी है। मजदूरी से तीन बेटी और दो बेटों की परवरिश कर रहे हैं। घर उजड़ने पर पूरा परिवार बेघर हो गया।
कोर्ट ने 21 अगस्त तक लगाई थी बेदखली पर रोक
काशीपुर। हिम्मतपुर निवासी देवेंद्र सिंह ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि एनएच 74 और उससे जुड़े संपर्क मार्ग में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कर लिए हैं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने काशीपुर नगर निगम को अतिक्रमणकारियों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए थे। सुनवाई में सिर्फ चार लोग अपना पक्ष रखने पहुंचे। इसके बाद हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के निर्देश दिए।
नगर निगम व राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ और समय मांगा लेकिन हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर कब्जे हटाकर उसकी वीडियोग्राफी कराने के आदेश दे दिए। गांव के ही कृपाल सिंह आदि की ओर से बेदखली के संबंध में हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली नोटिस जारी हो चुके हैं। याचीगण निचली अदालत में अपना पक्ष रख सकते हैं और कोर्ट ने बेदखली पर 21 अगस्त तक रोक लगा दी थी।
मंदिर हटाने का विरोध शुरू
किच्छा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एमपी चौक पर स्थित प्राचीन मंदिर हटाने का विरोध किया गया है। कांग्रेसियों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में मंदिर हटाने पर संघर्ष की चेतावनी दी है।
हल्द्वानी रोड पर स्थित हनुमान मंदिर को हटाया जाना प्रस्तावित है। इसको लेकर लोग विरोध जता रहे हैं। शुक्रवार शाम को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाजी सरवर यार खान के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर मंदिर हटाने पर रोक लगाने की मांग की। वहां पार्टी के प्रदेश महामंत्री हरीश पनेरू, वरिष्ठ नेता संजीव कुमार सिंह, गुडडू तिवारी, अरूण तनेजा, विनोद कोरंगा आदि थे।

काशीपुर हेमपुर इस्माइल में अतिक्रमण तोड़ती जेसीबी।- फोटो : KASHIPUR

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